Happy Eid al-Adha 2021 Shayari: कुर्बानी के पर्व बकरीद पर दोस्तों और परिजनों से शेयर करें बधाई वाली ये शायरी...
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार ईल-उल-अजहा का पर्व 12वें महीने की 10 तारीख को मनाया जाता है। ईद-उल-फित्र के बाद यह इस्लाम का दूसरा बड़ा त्योहार है। बकरीद का त्योहार रमजान महीने के खत्म होने के 70 दिन बाद बनाया जाता है।
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Happy Eid ul-adha 2021 Shayari In Hindi: ईद-उल-अजहा जिसे बकरीद भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म को मनाने वालों का यह दूसरा बड़ा त्योहार है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार ईल-उल-अजहा का पर्व 12वें महीने की 10 तारीख को मनाया जाता है। ईद-उल-फित्र के बाद यह इस्लाम का दूसरा बड़ा त्योहार है। बकरीद का त्योहार रमजान महीने के खत्म होने के 70 दिन बाद बनाया जाता है। ईद-उल-फितर जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है इसे करीब एक महीने तक चलने वाले पाक रमजान के आखिरी दिन मनाया जाता है, जिसमें इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ मस्जिदों में एकत्रित होकर नमाज अदा कर खुदा का शुक्रिया करते हैं। वहीं ईद-उल- अजहा को कुर्बानी के तौर पर मनाया जाता है। इसके अलावा इस दिन वार्षिक हज यात्रा के अंत के प्रतीक के रूप मनाया जाता है। इस बार बकरीद का पर्व 21 जुलाई 2021 को मनाया जा रहा है। कोरोनावायरस के कारण पिछले वर्ष की तरह इस बार भी हम सब को बकरीद का त्योहार कुछ बंदिशों में रहकर मनाना पड़ेगा। बकरीद के मौके पर आप अपने परिवार और दोस्तों को ईल-उल-जुहा की शायरी भेज कर एक दूसरों को बधाईयां दे सकते हैं।
दिए जलते और जगमगाते रहें
हम आपको इसी तरह याद आते रहें
जब तक ज़िंदगी है ये दुआ है हमारी
आप ईद के चाँद की तरह जगमगाते रहें
आपको बकरा ईद मुबारक हो
तमन्ना आपकी सब पूरी हो जाए,
हो आपका मुकद्दर इतना रोशन की,
आमीन कहने से पहले ही आपकी हर दुआ कबूल हो जाए।।
बकरीद मुबारक
ईद लेकर आती है ढेर सारी खुशियां,
ईद मिटा देती है इंसान में दूरियां,
ईद है खुदा का एक नायाम तबारोक,
इसीलिए कहते है ईद मुबारक।।
सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल,
दुनिया के सारे गम तुम जाओ भूल,
चारों तरफ फैलाओ खुशियों के गीत,
इसी उम्मीद के साथ तुम्हें मुबारक हो बकरीद!!
अल्लाह की रहमत सदा आपके परिवार पर बरसे,
हर गम आपके परिवार से दूर रहे।
बकरा ईद की मुबारकबाद
आप और आपके परिवार को हमारी तरफ से बकरा ईद मुबारक हो
मुबारक नाम है अल्लाह का,
मुबारक हो बकरा ईद तुम्हें,
जिसे तुम देखना चाहों उसी के दीदार हो तुम्हें,
ईद मुबारक
सोचा किसी अपने से बात करूं,
अपने किसी खास को याद करूं,
किया जो फैसला बकरा ईद मुबारक कहने का,
दिल ने कहा.. क्यों ना सबसे पहले आपसे शुरुआत करूं
हर ख्वाहिश हो मंजूर-ए-खुदा
मिले हर कदम पर रज़ा-ए-खुदा
फ़ना हो लब्ज़-ए-ग़म यही हैं दुआ
बरसती रहे सदा रहमत-ए-खुदा
ईद मुबारक