फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Hanuman Jayanti 2022 Today is Hanuman Jayanti according to Tamil calendar know date time importance and legend

हनुमान जयंती 2022: तमिल कैलेंडर के अनुसार आज है हनुमान जयंती, जानें तिथि, महत्व और कथा 

Sun, 02 Jan 2022 10:39 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला
धर्म डेस्क, अमरउजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 02 Jan 2022 10:39 AM IST
सार

हनुमान जयंती 2022: विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग तिथियों पर हनुमान जयंती मनाई जाती है। तमिल कैलंडर के अनुसार यह मार्गाज़ि (मार्गशीर्ष) मास है और इसी मास में हनुमान जी का जन्म हुआ था। आइए जानते हैं तमिल कैलंडर के अनुसार हनुमान जयंती कि तिथि, मुहूर्त, मताव और कथा के बारे में 

विज्ञापन
Hanuman Jayanti 2022 Today is Hanuman Jayanti according to Tamil calendar know date time  importance and legend
हनुमान जयंती 2022

विस्तार

हनुमान जयंती 2022: विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग तिथियों पर हनुमान जयंती मनाई जाती है। तमिल कैलेंडर के अनुसार, भगवान हनुमान का जन्म अमावसई (अमावस्या तिथि ) पर हुआ था। इसलिए तमिल कैलंडर के अनुसार इस साल आज हनुमान जयंती मनाई जाएगी। तमिल कैलंडर के अनुसार यह मार्गाज़ि (मार्गशीर्ष मास) है और इसी मास में हनुमान जी का जन्म हुआ था। आइए जानते हैं तमिल कैलंडर के अनुसार हनुमान जयंती कि तिथि, मुहूर्त, महत्व और कथा के बारे में । 

विज्ञापन


अमावसई तिथि, मार्गशीर्ष 2022 समय
अमावस्या  तिथि आरंभ:
2 जनवरी, रविववर, प्रातः  3:43 से 
अमावस्या तिथि समाप्त: 3 जनवरी,  सोमवार, प्रातः 12:04 तक 
 
हनुमान जयंती का महत्व
हनुमान जयंती पर, भक्त पूजा और अभिषेक करते हैं। अभिषेक के लिए कच्चा दूध, चंदन और कई अन्य पवित्र वस्तुओं का भोग लगाया जाता है। और दिलचस्प बात यह है कि कई मंदिरों में पुजारी हनुमानजी पर भोग स्वरूप सफेद मक्खन भी अर्पित करते हैं। इसके साथ ही मेदु वड़े से जुड़ी हुई माला भी भगवान को अर्पित की जाती है क्योंकि वे उनका पसंदीदा भोजन हैं। जातक अपने घरों में भी हनुमान जी की पूजा करते हैं। नैवेद्य के रूप में मिष्ठान, फल और मेदु वड़े बनाए जाते हैं। पूजा के दौरान भक्त श्लोक, मंत्र और हनुमान चालीसा आदि का पाठ करते हैं। 
विज्ञापन


हनुमान जी के जन्म से जुड़ी कथा 
अंजनी देवी और केसरी ने महादेव  से प्रार्थना कर संतान कामना के लिए गहन तप किया। उनकी भक्ति से प्रसन्न हुए। और केसरीनंदन हनुमान जी का जन्म हुआ।  हनुमान जी को पवन देव का भी आशीर्वाद प्राप्त था इसलिए वे पवनपुत्र भी कहलाए। एक मान्यता के अनुसार हनुमान जी को भगवान शिव के 11 वें अवतार के रूप में भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है हनुमान जी  चिरंजीवी हैं। भक्तों का मानना है कि वे आज भी मौजूद हैं और जिनकी अटूट आस्था है वे उनकी उपस्थिति का अनुभव करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed