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Goga Navami 2024: गोगा नवमी नवमी आज, जानिए महत्व और पूजाविधि

Tue, 27 Aug 2024 10:59 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 27 Aug 2024 10:59 AM IST
सार

Goga Navami 2024: गोगा जी को सर्पों के देवता के रूप में पूजा जाता है और उनकी पूजा करने से सर्पदंश से सुरक्षा मिलती है। इस दिन विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में गोगा जी की पूजा का आयोजन किया जाता है।

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goga navami 2024 date time importance and significance
गोगा नवमी 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Goga Navami 2024: गोगा नवमी, जिसे गुग्गा नवमी भी कहा जाता है, एक प्रमुख त्योहार है जो विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। यह पर्व वीर गोगा जी महाराज, जिन्हें जाहरवीर गोगा जी के नाम से भी जाना जाता है, की याद में मनाया जाता है। यह दिन भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को आता है। गोगा जी को सर्पों के देवता के रूप में पूजा जाता है और उनकी पूजा करने से सर्पदंश से सुरक्षा मिलती है। इस दिन विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में गोगा जी की पूजा का आयोजन किया जाता है।

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गोगा जी का इतिहास और महत्व
गोगा जी का जन्म राजस्थान के ददरेवा गाँव में चौहान वंश के राजपूत परिवार में हुआ था। उन्हें लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है और उनका जीवन संघर्षों और वीरता का प्रतीक है। गोगा जी ने सर्पों से लोगों की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित किया था। ऐसा कहा जाता है कि गोगा जी के पास एक दिव्य शक्ति थी, जिससे वे सर्पों को वश में कर सकते थे। उनकी इस अलौकिक शक्ति के कारण, उन्हें सर्पों का देवता माना गया और उनकी पूजा की जाने लगी। गोगा नवमी के दिन उनकी पूजा से सर्पदंश से बचाव होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
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पूजा विधि
गोगा नवमी के दिन प्रातःकाल स्नान करके, स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। गोगा जी की पूजा में विशेष रूप से हल्दी, रोली, चावल, धूप, दीप, पुष्प और मिष्ठान्न का उपयोग होता है। पूजा स्थल को गोबर से लीपकर स्वास्तिक का चिन्ह बनाया जाता है।सबसे पहले गोगा जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित किया जाता है और उसे जल अर्पित किया जाता है। इसके बाद हल्दी, रोली और चावल से तिलक कर पुष्प अर्पित किए जाते हैं।
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धूप और दीप जलाकर गोगा जी की आरती की जाती है और मिष्ठान्न का भोग लगाया जाता है। विशेष मंत्रों का उच्चारण करते हुए गोगा जी की स्तुति की जाती है। इस दिन विशेष रूप से चूरमा, गोगा जी को भोग स्वरूप अर्पित किया जाता है और इसे प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। गोगा जी की कथा का वाचन भी किया जाता है, जिसमें उनके जीवन के संघर्षों और चमत्कारों का वर्णन होता है। गोगा नवमी के अवसर पर लोग सांपों के संरक्षण के लिए गोगा जी से प्रार्थना करते हैं और उन्हें दूध का भोग अर्पित करते हैं।


गोगा जी की विशेष मान्यता
गोगा नवमी के दिन भक्त गोगा जी से प्रार्थना करते हैं कि वे उनके घर और परिवार को सर्पदंश से बचाएं। गोगा जी की पूजा करने से न केवल सर्पदंश से सुरक्षा मिलती है बल्कि जीवन में शांति और समृद्धि का भी आगमन होता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति और ईमानदारी से किए गए कार्यों का फल अवश्य मिलता है।

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