फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Ganga Dussehra 2024 Date Time These shubh and auspicious yoga will form on ganga Dussehra in hindi

Ganga Dussehra 2024: इन शुभ योगों के कारण गंगा दशहरा का त्योहार रहेगा शुभ, जानें स्नान-दान के नियम

Sun, 09 Jun 2024 04:39 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 09 Jun 2024 04:39 PM IST
सार

Ganga Dussehra 2024 Date: हिंदी पंचांग के अनुसार इस बार गंगा दशहरा 16 जून को मनाया जाएगा। इस दिन बहुत से श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान और ध्यान करते हैं। इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ मां गंगा की भी पूजा-अर्चना की जाती है।

विज्ञापन
Ganga Dussehra 2024 Date Time These shubh and auspicious yoga will form on ganga Dussehra in hindi
Ganga Dussehra 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Ganga Dussehra 2024: हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हिंदी पंचांग के अनुसार इस बार गंगा दशहरा 16 जून को मनाया जाएगा। इस दिन बहुत से श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान और ध्यान करते हैं। इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ मां गंगा की भी पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही घर में सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है। इस बार गंगा दशहरा पर अमृत सिद्धि समेत कई योग बनेंगे।

विज्ञापन


अमृत सिद्धि योग
गंगा दशहरा पर अमृत सिद्धि योग का निर्माण होगा। सुबह 5:23 बजे से प्रातः 11:13 बजे तक अमृत सिद्धि योग है। इस योग में स्नान और ध्यान करने से आपको कई तरह के लाभ मिलेंगे। ज्योतिषी भी अमृत सिद्धि योग को बहुत शुभ मानते हैं।
विज्ञापन


वरियान योग
गंगा दशहरा पर अमृत सिद्धि योग के साथ वरियान योग भी बनेगा। यह योग रात 9 बजकर 03 मिनट तक रहेगा। इस योग में गंगा नदी में स्नान करने से जाने-अनजाने में किये गये सभी पाप नष्ट होजाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रवि योग 
ज्योतिषियों के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रवि योग बनता है। पूरे दिन रवि योग बना रहेगा। इस योग से स्नान और ध्यान करने से स्वास्थ्य लाभ होता है। साथ ही साथ आपकी शारीरिक और मानसिक परेशानियां भी दूर हो जाएंगी।

गंगा स्नान के नियम

  • मां गंगा में स्नान करने से पहले सामान्य जल से अच्छी तरह स्नान कर लें।  गंगा नदी में सिर्फ डुबकी लगाएं।  पवित्र नदी में साबुन लगाकर अपने शरीर से गंदगी न निकालें।
  • मान्यता है कि गंगा स्नान के बाद शरीर को कपड़े से नहीं सुखाना चाहिए। शरीर पर पानी सूख जाना चाहिए.
  • मृत्यु या जन्म के समय भी गंगा स्नान किया जा सकता है, लेकिन महिलाओं को अस्वच्छ अवस्था में गंगा में स्नान नहीं करना चाहिए।
  • अगर आप घर पर ही गंगा स्नान का लाभ लेना चाहते हैं तो घर पर नहाते समय अपने नहाने के पानी में कुछ बूंदें या थोड़ी मात्रा में गंगा जल मिलाकर स्नान करें।


गंगा दशहरा पर करें दान 

  • गंगा दशहरा पर एक लोटा जल या शरबत का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। धर्मग्रंथों में कलश दान को विशेष महत्व दिया गया है। यदि इसमें जल हो तो अधिक शुभ होता है। इससे आपके सारे पाप धुल जाएंगे और अंततः आपको मोक्ष मिलेगा।
  • गंगा दशहरा पर छाते, जूते, चप्पल और टोपी का दान करना भी बहुत लाभकारी होता है। दरअसल, गंगा दशहरा ज्येष्ठ माह में होता है जब गर्मी अपने चरम पर होती है। इसलिए शास्त्रों में धूप से बचाने वाली वस्तु का दान करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।
  • गंगा दशहरा पर सत्तू, रसदार फल और मौसमी फल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। चटनी के अलावा कलेजी भी इस दिन दान की जाने वाली वस्तुओं में से एक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed