Diwali 2021: त्रयोदशी से लेकर दीपावली के अगले दिन तक की दीपक जलाने की विधि और उसके लाभ
o4 नवंबर 2021 को कार्तिक अमावस्या तिथि पर दीपावली का त्योहार मनाया जाएगा। पांच दिनों तक चलने वाले इस पर्व में दीपक जलाने का विशेष महत्व होता है।
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विस्तार
घर को रोशन करें खास दीयों की लौ से।
कितने दीयों से करना है घर में प्रकाश
ताकि जीवन में रहे हमेशा
1. पीतल का दीया
दिशा पूर्व की होनी चाहिए, घी का दीपक होना चाहिए और दीपक संख्या की संख्या 2 हो।
समय: सूर्योदय का होना चाहिए
लाभ : लक्ष्मी का आगमन और सभी देवताओ की कृपा प्राप्त होती है।
2. मिट्टी का दीपक
दिशा दक्षिण में होनी चाहिए। चार बाती अर्थात चौमुख दीपक होना चाहिए।
सरसों के तेल का दीपक होना चाहिए (दीपक संख्या एक )
समय: देर रात्रि 10 बजे के बाद
लाभ : पितरदेव प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
3. आटा और गंगाजल मिलाकर दीपक
संध्या समय में ईशान कोण की दिशा में, घी का दीपक एक बाती (दीपक संख्या पांच )
समय: संध्या गोधूलि का समय 05 से 06 बजे
लाभ : निरोगता प्राप्ति होती है, ज्ञान बढ़ता है और गुरु कृपा प्राप्त होती है।
4. हल्दी आटा मिला हुआ दीपक
दिशा ईशान कोण, एक मुखी दीपक, घी गाय का
समय: सूर्यास्त से एक घंटे के बाद (दीपक की संख्या सात )
लाभ: गुरु की प्रसन्नता प्राप्त होती है और संतान का कष्ट समाप्त होता है।
5. आटा और गुलाब जल मिला दीपक
दिशा: पूर्व की दिशा में, समय सूर्यास्त के पहले, दीपक गाय के घी का होना चाहिए और दीपक की संख्या 7 होनी चाहिए।
लाभ : लक्ष्मी प्राप्ति और आर्थिक कष्ट दूर होता है और व्यापारिक उन्नति होती है।
6. गुड़ मिला कर दीपक
दिशा उत्तर की होनी चाहिए, दीपक घी का होना चाहिए और बाती की संख्या एक होनी चाहिए।
समय: मध्य रात्रि 12 बजे, (दीपक संख्या 14 )
लाभ: मां शक्ति की कृपा और सिद्धि प्राप्ति होती है।