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Chitragupta Puja Vidhi: चित्रगुप्त पूजा आज, जानें मुहूर्त, बहीखातों और कलम की पूजा विधि
Thu, 27 Oct 2022 11:46 AM IST
श्वेता सिंह
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Thu, 27 Oct 2022 11:46 AM IST
सार
इस बार भाई दूज का पावन पर्व 26 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन यमदेव के मुख्य सहायक चित्रगुप्त जी के पूजन का भी विधान है। कायस्थ समाज में इनका विशेष पूजन होता है।
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चित्रगुप्त जी का पूजन करने से बुद्धि, वाणी और लेखनी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
विस्तार
Chitragupta Puja 2022 Date: दीपावली के पंचदिवसीय पूजन का समापन भाईदूज वाले दिन होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस यम द्वितीय के नाम से भी जाना जाता है। इसी के साथ भाई दूज पर चित्रगुप्त के पूजन का भी विधान है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भाई दूज पर चित्रगुप्त का पूजन क्यों किया जाता है। कहते हैं इनकी आराधना से कारोबार में तरक्की का वरदान मिलता है। आइए जानते हैं इस साल भगवान चित्रगुप्त की पूजा की तिथि, मुहूर्त और विधि
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भगवान चित्रगुप्त पूजा 2022 मुहूर्त
कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि प्रारम्भ: 26 अक्तूबर 2022, दोपहर 02:42 से
कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि समाप्त: 27 अक्तूबर 2022, दोपहर 12:45 तक
उदया तिथि के अनुसार, चित्रगुप्त पूजा आज 27 अक्तूबर को की जा रही है।
पूजा मुहूर्त: दोपहर 01:18 से दोपहर 03:33 तक
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चित्रगुप्त के पूजन का महत्व
चित्रगुप्त लेखा-जोखा रखने का कार्य करते हैं। इसलिए इनका मुख्य कार्य लेखनी से जोड़कर देखा जाता है, यही कारण है कि भाई दूज के दिन चित्रगुप्त जी के प्रतिरूप के तौर पर कलम या लेखनी का पूजन भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चित्रगुप्त जी का पूजन करने से बुद्धि, वाणी और लेखनी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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व्यापारियों के लिए बहुत खास होती चित्रगुप्त पूजा
व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए यह दिन विशेष होता है क्योंकि इस दिन नए बहीखातों पर 'श्री' लिखकर कार्य आरंभ किया जाता है। इसके अतिरिक्त सभी आय-व्यय का ब्योरा चित्रगुप्त जी के सामने रखा जाता है। कायस्थ समाज में चित्रगुप्त को आराध्य देव के रूप में पूजा जाता है। इस दिन लोग चित्रगुप्त जयंती के रूप में मनाते हैं व लेखनी-दवात का पूजन करते हैं। इसी के साथ लोग इस दिन लेखनी से संबंधित कार्यों को भी बंद रखते हैं। चित्रगुप्त पूजन को दवात पूजन के नाम से भी जाना जाता है।
भगवान चित्रगुप्त की पूजा विधि
- एक चौकी पर चित्रगुप्त महाराज की तस्वीर स्थापित करें।
- इसके बाद उन्हें रोली, अक्षत्, फूल, मिठाई, फल आदि अर्पित करें।
- इसके बाद अपने पुराने सभी काम का ब्योरा चित्रगुप्त जी के सामने रखें ।
- इसके बाद एक सफेद कागज पर श्री गणेशाय नम: और 11 बार ऊं चित्रगुप्ताय नमः लिखें।
- अब भगवान चित्रगुप्त से विद्या, बुद्धि तथा जीवन में तरक्की की प्रार्थना करें।
- चित्रगुप्त पूजन में शुभ मुहूर्त में नए बहीखातों की पूजा करें।