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Chhath Puja 2023: छठ पूजा में इन नियमों का पालन है जरूरी, गलती होने पर भंग हो सकता है व्रत
Wed, 15 Nov 2023 07:33 AM IST
आशिकी पटेल
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आशिकी पटेल
Updated Wed, 15 Nov 2023 07:33 AM IST
सार
Chhath Puja 2023 Rules: इस साल 17 नवंबर से छठ पूजा की शुरुआत हो रही है। चार दिन चलने वाला छठ महापर्व 20 नवंबर को समाप्त होगा। इस महापर्व पर छठी माता और सूर्य देव की पूजा की जाती है। इस दौरान 36 घंटे का कठिन उपवास रखा जाता है।
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देहरादून: महिलाओं ने उगते सूर्य को दिया अर्घ्य ।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Chhath Puja 2023 Rules: इस साल 17 नवंबर से छठ पूजा की शुरुआत हो रही है। चार दिन चलने वाला छठ महापर्व 20 नवंबर को समाप्त होगा। इस महापर्व पर छठी माता और सूर्य देव की पूजा की जाती है। इस दौरान 36 घंटे का कठिन उपवास रखा जाता है। कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते सूर्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ पूजा में संतान के स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु के लिए व्रत रखा जाता है, जिसे महिलाओं के साथ ही पुरुष भी रखते हैं। यह व्रत बेहद कठिन होता है, इसलिए आस्था का पर्व छठ पूजा में कुछ महत्वपूर्ण बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं उन नियमों के बारे में...
साफ-सफाई का रखें विषेश ध्यान
इस पर्व में साफ-सफाई का विषेश ध्यान रखना चाहिए। छठ पूजा के समय प्रसाद में लगने वाले सभी अनाजों की सफाई अच्छे से करें। इन अनाजों को घर पर ही धोकर, कूटकर और पीसकर बनाया जाता है। इस दौरान चिड़िया अनाज को जूठा न करे, इस बात का भी विशेष ध्यान रखें। साथ ही ध्यान रखें कि छठ के प्रसाद में काम आने वाले अनाज में गलती से भी पैर न लगे। ऐसा करने से छठी मईया नाराज हो सकती हैं।
नया चूल्हा
छठ का प्रसाद बनाते समय नए चूल्हे का ही प्रयोग करें। चूल्हा ऐसा हो जिसे रोज लीपा जा सके। अगर आप गैस का प्रयोग करते हैं, तो नए स्टोव का प्रयोग करना चाहिए। जिसे हर साल केवल छठ के दिन ही निकाला जाता हो। छठ पूजा में पहले इस्तेमाल किए गए चूल्हे का दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
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प्राकृतिक वस्तुओं का ही प्रयोग
पूजा के लिए बांस से बने सूप और टोकरी का ही इस्तेमाल करना चाहिए। पूजा के दौरान कभी स्टील या शीशे के बर्तन प्रयोग न करें। साथ ही प्रसाद शुद्ध घी में ही बनाया जाना चाहिए।
प्रसाद बनाते समय न करें जूठा
छठ पूजा का प्रसाद बेहद पवित्र होता है। ऐसे में इसे बनाते समय भूलकर भी जूठा न करें। साथ ही इसे बनाने से पहले भी कुछ भी न खाएं। साथ ही याद रखें कि प्रसाद बनाने वाली जगह पूरी तरह स्वच्छ हो।
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साफ-सफाई का रखें विषेश ध्यान
इस पर्व में साफ-सफाई का विषेश ध्यान रखना चाहिए। छठ पूजा के समय प्रसाद में लगने वाले सभी अनाजों की सफाई अच्छे से करें। इन अनाजों को घर पर ही धोकर, कूटकर और पीसकर बनाया जाता है। इस दौरान चिड़िया अनाज को जूठा न करे, इस बात का भी विशेष ध्यान रखें। साथ ही ध्यान रखें कि छठ के प्रसाद में काम आने वाले अनाज में गलती से भी पैर न लगे। ऐसा करने से छठी मईया नाराज हो सकती हैं।
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नया चूल्हा
छठ का प्रसाद बनाते समय नए चूल्हे का ही प्रयोग करें। चूल्हा ऐसा हो जिसे रोज लीपा जा सके। अगर आप गैस का प्रयोग करते हैं, तो नए स्टोव का प्रयोग करना चाहिए। जिसे हर साल केवल छठ के दिन ही निकाला जाता हो। छठ पूजा में पहले इस्तेमाल किए गए चूल्हे का दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
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प्राकृतिक वस्तुओं का ही प्रयोग
पूजा के लिए बांस से बने सूप और टोकरी का ही इस्तेमाल करना चाहिए। पूजा के दौरान कभी स्टील या शीशे के बर्तन प्रयोग न करें। साथ ही प्रसाद शुद्ध घी में ही बनाया जाना चाहिए।
प्रसाद बनाते समय न करें जूठा
छठ पूजा का प्रसाद बेहद पवित्र होता है। ऐसे में इसे बनाते समय भूलकर भी जूठा न करें। साथ ही इसे बनाने से पहले भी कुछ भी न खाएं। साथ ही याद रखें कि प्रसाद बनाने वाली जगह पूरी तरह स्वच्छ हो।