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Chhath Puja 2022: छठ पूजा के दूसरे दिन होता है खरना, जानें महत्व और पूजा विधि

Sat, 29 Oct 2022 07:57 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sat, 29 Oct 2022 07:57 AM IST
सार

खरना तिथि पर तन और मन के शुद्धिकरण पर ध्यान दिया जाता है। पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि आज 29 अक्टूबर को सुबह 08 बजकर 13 मिनट से शुरू हो रही है। इस तिथि की समाप्ति, कल यानी 30 अक्टूबर को सुबह 05 बजकर 49 मिनट पर होगी।

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Chhath Puja 2022 Know the Kharna Timing importance and puja vidhi in Hindi
आज 29 अक्तूबर को छठ पूजा का दूसरा दिन है। - फोटो : iStock

विस्तार

Chhath ka Dusra Din Kharna:आज 29 अक्तूबर को छठ पूजा का दूसरा दिन है। दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पंचमी को भक्त दिनभर का उपवास रखते हैं और शाम को भोजन करते हैं। इसे 'खरना' कहा जाता है। खरना के प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है। इसमें नमक या चीनी का उपयोग नहीं किया जाता है। खीर ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का व्रत रखा जाता है। खरना तिथि पर तन और मन के शुद्धिकरण पर ध्यान दिया जाता है।दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पंचमी को भक्त दिनभर का उपवास रखते हैं और शाम को भोजन करते हैं। इसे 'खरना' कहा जाता है। खरना के प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है। इसमें नमक या चीनी का उपयोग नहीं किया जाता है। खीर ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का व्रत रखा जाता है। खरना तिथि पर तन और मन के शुद्धिकरण पर ध्यान दिया जाता है। पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि आज 29 अक्टूबर को सुबह 08 बजकर 13 मिनट से शुरू हो रही है। इस तिथि की समाप्ति, कल यानी 30 अक्टूबर को सुबह 05 बजकर 49 मिनट पर होगी। खरना के दिन सूर्योदय सुबह 06 बजकर 31 मिनट पर हुआ है। 

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Chhath Puja 2022: छठ पूजा का दूसरा दिन आज, जाने खरना का मुहूर्त और नियम

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खरना का महत्व
खरना पूजा व्रती के मन की शुद्धता के लिए होता है। इस दिन व्रतधारी  मानसिक तौर पर 36 घंटे के कठिन निर्जला व्रत के लिए तैयार करते हैं। मन की शुद्धता के बाद खरना प्रारंभ होता है।  खरना के दिन ही छठ पूजा का प्रसाद बनाया जाता है। यहां भी स्वच्छता का ध्यान दिया जाता है। छठ का प्रसाद साफ स्थान पर मिट्टी का चूल्हा बनाकर उसपर आम की लकड़ी की मदद से बनाया जाता है।  प्रसाद में वैसे तो बहुत सी चीजें बनती हैं लेकिन विशेष तौर पर ठेकुआ बनाया जाता है। 

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खरना पूजा विधि
छठ पूजा के दूसरे दिन प्रात: स्नान के बाद व्रत और पूजा का संकल्प लें। 
फिर इस दिन निर्जला व्रत रखें।
दिन में छठ पूजा का प्रसाद बनाएं। 
रात के समय में चावल और गुड़ से खीर रसियाव बनाएं और पूड़ी बनाएं।
प्रसाद बन जाने के बाद व्रती पूजा करें और वे सूर्य भगवान को रसियाव, पूड़ी और मिठाई का भोग लगाएं। .

 

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