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Chhath Puja 2022: नहाय-खाय के साथ कल से छठ पूजा शुरू,जानिए इस पर्व से जुड़ी खास बातें

Thu, 27 Oct 2022 11:00 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 27 Oct 2022 11:00 AM IST
सार

इस वर्ष छठ पर्व की शुरुआत 28 अक्तूबर से हो रही है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्ध्य और चौथे दिन उषा अर्घ्य देते हुए समापन होता है। छठ महापर्व सूर्य उपासना का सबसे बड़ा त्योहार होता है।

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chhath puja 2022 date nahay khay start 28 october surya argya timing shubh muhurat
chhath puja 2022: छठ महापर्व की शुरुआत नहाए-खाए के साथ आरंभ हो जाता है। यह व्रत बहुत ही कठिन माना जाता है इसमें व्रती महिलाएं लगातार 36 घंटे निर्जला व्रत रखती हैं। - फोटो : istock

विस्तार

Chhath Puja 2022: लोक आस्था का महापर्व छठ दिवाली के 6 दिन बाद मनाया जाता है। छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ शुरू हो जाती है। इस वर्ष छठ पर्व की शुरुआत 28 अक्तूबर से हो रही है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन नहाय-खाय,दूसरे दिन खरना,तीसरे दिन संध्या अर्ध्य और चौथे दिन उषा अर्घ्य देते हुए समापन होता है। छठ महापर्व सूर्य उपासना का सबसे बड़ा त्योहार होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल पष्ठी तिथि पर छठ पूजा मनाई जाती है। इस पर्व में भगवान सूर्य के साथ छठी माई की भी पूजा-उपासना विधि-विधान के साथ की जाती है। छठी माई को सूर्यदेव की बहन है। धार्मिक मान्यता के अनुसार छठ का त्योहार व्रत संतान प्राप्ति करने की कामना,कुशलता,सुख-समृद्धि और उसकी दीर्घायु की कामना के लिए किया जाता है। चतुर्थी तिथि पर नहाय-खाय से इस पर्व की शुरुआत हो जाती है और षष्ठी तिथि को छठ व्रत की पूजा,व्रत और डूबते हुए सूरज को अर्घ्य के बाद अगले दिन सप्तमी को उगते सूर्य को जल देकर प्रणाम करने के बाद व्रत का समापन किया जाता है।

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नहाए-खाय से छठ महापर्व प्रारंभ
छठ महापर्व की शुरुआत नहाए-खाए के साथ आरंभ हो जाता है। यह व्रत बहुत ही कठिन माना जाता है इसमें व्रती महिलाएं लगातार 36 घंटे निर्जला व्रत रखती हैं। सूर्य देव की उपासना और छठ मैया की पूजा करते संतान की प्राप्ति और उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं। नहाए-खाए के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके नए और साफ-सुथरे पहनकर शाकाहारी भोजन किया जाता है।

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छठ पूजा 2022 की तिथियां 

दिन      छठ पूजा अनुष्ठान तिथि
छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय 28 अक्टूबर 2022, शुक्रवार 
छठ पूजा का दूसरा दिन  खरना  29 अक्टूबर 2022, शनिवार
छठ पूजा का तीसरा दिन  संध्या अर्घ्य   30 अक्टूबर 2022, रविवार
छठ पूजा का चौथा दिन  उषा अर्घ्य   31 अक्टूबर 2022, सोमवार

छठ पूजा अर्घ्य मुहूर्त 2022 

दिन   छठ पूजा अनुष्ठान तिथि
संध्या अर्घ्य  सूर्यास्त का समय 30 अक्टूबर -शाम 05 बजकर 37 मिनट से
उषा अर्घ्य सूर्योदय का समय 31 अक्टूबर- सुबह 06 बजकर 31 मिनट तक



छठ पूजा का पहला दिन: नहाय-खाय 28 अक्तूबर, शुक्रवार
सूर्योदय- सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर 
सूर्यास्त- शाम 05 बजकर 39 मिनट पर

नहाय-खाय का शुभ समय (शोभन,सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग)
शोभन योग: सुबह से शुरू
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06 बजकर 30 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक
रवि योग: सुबह 10 बजकर 42 मिनट से आरंभ

छठी मैया की पूजा का महत्व
छठ पर्व सूर्यदेव की उपासना और छठी मैया का पूजा करने महापर्व है। इस पर्व पर उगते और डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। छठ पूजा पर छठी मैया की पूजा और लोकगीत गाया जाता है।शास्त्रों के अनुसार छठ देवी भगवान ब्रह्माजी की मानस पुत्री और सूर्यदेव की बहन हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्माजी ने सृष्टि रचने के लिए स्वयं को दो भागों में बांट दिया,जिसमें दाहिने भाग में पुरुष और बाएं भाग में प्रकृति का रूप सामने आया। सृष्टि की अधिष्ठात्री प्रकृति देवी ने अपने आपको छह भागों में विभाजित किया । इनके छठे अंश को सर्वश्रेष्ठ मातृ देवी या देवसेना के रूप में जाना जाता है। प्रकृति का छठा अंश होने के कारण इनका एक नाम षष्ठी है, जिसे छठी मैया के नाम से जाना जाता है। शिशु के जन्म के छठे दिन भी इन्हीं की पूजा की जाती है। इनकी उपासना करने से बच्चे को स्वास्थ्य,सफलता और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।  नवरात्रि पर षष्ठी तिथि को इनकी पूजा की जाती है।

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