{"_id":"5e809dec8ebc3e728a43717c","slug":"chaitra-navratri-2020-maa-katyayani-aarti","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैत्र नवरात्रि 2020: मां कात्यायनी की इस आरती से मिलता है व्रत का फल","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
चैत्र नवरात्रि 2020: मां कात्यायनी की इस आरती से मिलता है व्रत का फल
Mon, 30 Mar 2020 07:13 AM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Mon, 30 Mar 2020 07:13 AM IST
विज्ञापन
मां कात्यायनी की आरती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चैत्र नवरात्रि पर्व का आज छठा दिन है और नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी का होता है। मां कात्यायनी दुर्गा जी का छठा रूप हैं। शास्त्रों में मां कात्यायनी के स्वरूप का वर्णन करते हुए मां कत्यायनी के शरीर का रंग सोने की भांति सुशोभित होता है। एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में कमल का फूल लेकर सुशोभित मां को कात्यायनी देवी शेर पर सवार है। साथ ही दूसरें दोनों हाथों में वरमुद्रा और अभयमुद्रा हैं। देवी की कृपा से सभी भक्तों की मुरादें पूरी होती हैं और घर में सुख, शांति एवं समृद्धि रहती है। पुराणों के अनुसार मां दुर्गा ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया, इस कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ गया। नवरात्रि के छठे दिन मां की यह आरती अत्यंत लाभदायक सिद्ध होती है।
आरती
जय जय अम्बे जय कात्यानी
जय जगमाता जग की महारानी
बैजनाथ स्थान तुम्हारा
वहा वरदाती नाम पुकारा
कई नाम है कई धाम है
यह स्थान भी तो सुखधाम है
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी
हर जगह उत्सव होते रहते
हर मंदिर में भगत है कहते
कत्यानी रक्षक काया की
ग्रंथि काटे मोह माया की
झूठे मोह से छुडाने वाली
अपना नाम जपाने वाली
ब्रह्स्पतिवार को पूजा करिए
ध्यान कात्यानी का धरिये
हर संकट को दूर करेगी
भंडारे भरपूर करेगी
जो भी माँ को 'चमन' पुकारे
कात्यानी सब कष्ट निवारे।
विज्ञापन
आरती
जय जय अम्बे जय कात्यानी
जय जगमाता जग की महारानी
बैजनाथ स्थान तुम्हारा
वहा वरदाती नाम पुकारा
कई नाम है कई धाम है
यह स्थान भी तो सुखधाम है
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी
हर जगह उत्सव होते रहते
हर मंदिर में भगत है कहते
कत्यानी रक्षक काया की
ग्रंथि काटे मोह माया की
झूठे मोह से छुडाने वाली
अपना नाम जपाने वाली
ब्रह्स्पतिवार को पूजा करिए
ध्यान कात्यानी का धरिये
हर संकट को दूर करेगी
भंडारे भरपूर करेगी
जो भी माँ को 'चमन' पुकारे
कात्यानी सब कष्ट निवारे।