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Bhai Dooj 2021: आज भाई-दूज पर करें यमुना मंत्र का जाप और पढ़ें यमुना आरती, दूर हो जाएगा यम का डर
Sat, 06 Nov 2021 08:56 AM IST
श्वेता सिंह
धर्म डेस्क, अमरउजाला
धर्म डेस्क, अमरउजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Sat, 06 Nov 2021 08:56 AM IST
सार
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाईदूज का त्योहार आज यानि 6 नवंबर शनिवार को मनाया जा रहा है ।अगर इस दिन बहनें यमुना मंत्र का जाप करें और यमुना माता की आरती करें तो ऐसा करने से यम का भय काम हो जाता है। और अकाल मृत्यु के दोष का अंत भी होता है। इसके साथ ही यमुना जी की विशेष आरती और मंत्रों का जाप करने से भगवान श्री कृष्ण भी प्रसन्न होते हैं।
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Bhai Dooj 2021
- फोटो : istock
विस्तार
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाईदूज का त्योहार आज यानि 6 नवंबर शनिवार को मनाया जा रहा है । आज के दिन बहनें अपने भाइयों की आरती उतारती हैं और उनको तिलक करके और नारियल देकर उनकी लंबी उम्र और सुख समृद्धि की प्रार्थना करती हैं। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन यमराज की भी पूजा की जाती है। मान्यता है अगर इस दिन बहनें यमुना मंत्र का जाप करें और यमुना माता की आरती करें तो ऐसा करने से यम का भय काम हो जाता है। और अकाल मृत्यु के दोष का अंत भी होता है। इसके साथ ही यमुना जी की विशेष आरती और मंत्रों का जाप करने से भगवान श्री कृष्ण भी प्रसन्न होते हैं।
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भाई दूज का शुभ मुहूर्त
भाई दूज तिथि: 06 नवंबर 2021 दिन शनिवार
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि आरंभ : 05 नवंबर 2021 दिन शुक्रवार को रात 11:14 मिनट से।
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि समाप्त : 06 नवंबर 2021 दिन शनिवार को शाम 07 :44 मिनट पर।
भाईदूज पर तिलक का समय: दोपहर 01:10 मिनट से शाम 03:21 बजे तक रहेगा।
तिलक अवधि: कुल मिलाकर 2 घंटा 11 मिनट की रहेगी।
ये हैं यमुना मंत्र
यमस्वसर्नमस्तेऽसु यमुने लोकपूजिते।
वरदा भव मे नित्यं सूर्यपुत्रि नमोऽस्तु ते॥
ऊँ नमो भगवत्यै कलिन्दनन्दिन्यै सूर्यकन्यकायै
यमभगिन्यै श्रीकृष्णप्रियायै यूथीभूतायै स्वाहा।'
ऊँ हीं श्रीं, क्लीं कालिन्द्यै देव्यै नम:'
यमुना आरती
ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता,
नो नहावे फल पावे सुख सुख की दाता ॐ
पावन श्रीयमुना जल शीतल अगम बहै धारा,
जो जन शरण से कर दिया निस्तारा ॐ
जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे,
यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे ॐ
कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही,
तुम्हारा बड़ा महातम चारों वेद कही ॐ
आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो,
नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो ॐ
नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी,
मन 'बेचैन' भय है तुम बिन वैतरणी ॐ
ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता।