Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया पर क्यों नहीं बन रहा विवाह का योग ? जानिए इसके पीछे का कारण
Akshaya Tritiya 2024: हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को 'अक्षय तृतीया' का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी के साथ कुबेर महाराज की पूजा करना अत्यंत ही शुभ होता है।
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Akshaya Tritiya 2024: हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को 'अक्षय तृतीया' का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी के साथ कुबेर महाराज की पूजा करना अत्यंत ही शुभ होता है। विधिनुसार मां देवी की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं इस वर्ष अक्षय तृतीया 10 मई को मनाई जाएगी। इस बार अक्षय तृतीया पर कई शुभ योग का निर्माण हो रहा है, जिसमें गजकेसरी राजयोग का नाम भी शामिल है। ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ माना गया है। इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी करने से जीवन में खुशियां आती है और व्यक्ति के धन में भी वृद्धि होती है। बता दें, अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना गया है। इसका अर्थ है कि इस दिन आप बिना मुहूर्त विचार के कोई भी शुभ मांगलिक कार्य कर सकते हैं। हालांकि, करीब 23 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जब इस दिन विवाह का मुहूर्त नहीं बन रहा है। दरअसल, इस वर्ष अक्षय तृतीया पर शुक्र और गुरु का तारा अस्त होने से इस दिन विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं बनेगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार विवाह का मुहूर्त कब बनेगा ?
क्यों नहीं बन रहा विवाह योग
अक्षय तृतीया हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह दिन हर किसी व्यक्ति के जीवन में सफलता लेकर आता है। वहीं इस वर्ष वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 07 मई से ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 31 मई तक गुरु ग्रह का तारा अस्त रहेगा। तो वहीं, 25 अप्रैल से लेकर 5 जुलाई तक शुक्र का तारा अस्त रहने वाला है। इसलिए अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर गुरु-शुक्र का तारा अस्त होने से विवाह का मुहूर्त नहीं बनेगा। हालांकि, इस दिन को महामुहूर्त माने जाने की वजह से शुभ संस्कार संपन्न किए जा सकते हैं।
विवाह का मुहूर्त
इस वर्ष मई, जून में विवाह का मुहूर्त नहीं है। हालांकि, जुलाई के महीने में 9 तारीख 11, 12, 13, 14 और 15 तारीख को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त बन रहा है। माना जा रहा है कि इसके बाद 17 जुलाई से चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी, जो 12 नवंबर 2024 को समाप्त होगा।
जानिए महत्वपूर्ण तथ्य
मान्यता है कि अक्षय तृतीया तिथि के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान श्री परशुराम जी की जयंती भी मनाई जाती है। साथ ही इस दिन सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ हुआ था। बता दें, अक्षय तृतीया पर ही महाभारत के युद्ध का समापन हुआ था।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है