फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Aja Ekadashi 2024 shubh muhurat puja vidhi and bhagwan vishnu ki aarti

Aja Ekadashi 2024: अजा एकादशी पर बन रहे हैं कई शुभ योग, जरूर करें ये एक छोटा सा काम

Wed, 28 Aug 2024 06:19 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Wed, 28 Aug 2024 06:19 PM IST
विज्ञापन
Aja Ekadashi 2024 shubh muhurat puja vidhi and bhagwan vishnu ki aarti
अजा एकादशी 2024 - फोटो : amar ujala

Aja Ekadashi 2024: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस तिथि पर विष्णु जी की आराधना करने के साथ-साथ उपवास रखने का विधान है। साल में 24 एकादशियां मनाई जाती हैं, जिनमें सभी का अपना विशेष महत्व होता है। इन सभी में अजा एकादशी को श्रेष्ठ माना गया है। अजा एकादशी का उपवास भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है।

विज्ञापन


इस साल  29 अगस्त को अजा एकादशी है। इस दिन सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही बव, बालव और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस दिन पर चंद्रमा मिथुन राशि में मौजूद होंगे। ऐसे में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से हर मनोकामना पूरी होती हैं। इस दौरान पूजा में आरती करने से वह प्रसन्न होते हैं, और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। ऐसे में आइए भगवान विष्णु की आरती के बारे में जान लेते हैं। 

विज्ञापन

भगवान विष्णु की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥

तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
 

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed