Aja Ekadashi 2024: अजा एकादशी पर बन रहे हैं कई शुभ योग, जरूर करें ये एक छोटा सा काम
Aja Ekadashi 2024: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस तिथि पर विष्णु जी की आराधना करने के साथ-साथ उपवास रखने का विधान है। साल में 24 एकादशियां मनाई जाती हैं, जिनमें सभी का अपना विशेष महत्व होता है। इन सभी में अजा एकादशी को श्रेष्ठ माना गया है। अजा एकादशी का उपवास भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है।
इस साल 29 अगस्त को अजा एकादशी है। इस दिन सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही बव, बालव और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस दिन पर चंद्रमा मिथुन राशि में मौजूद होंगे। ऐसे में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से हर मनोकामना पूरी होती हैं। इस दौरान पूजा में आरती करने से वह प्रसन्न होते हैं, और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। ऐसे में आइए भगवान विष्णु की आरती के बारे में जान लेते हैं।
भगवान विष्णु की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।