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Sidhi: विरोधस्वरूप अंधेरे में रहेंगे मनवारी के सैकड़ों आदिवासी, कंपनी के दफ्तर जाकर बिजली काटने का कहा
Mon, 12 Dec 2022 07:12 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 12 Dec 2022 07:12 PM IST
सार
आदिवासी अंचल में बिजली का बिल हैरान करने वाला सामने आ रहा है। किसी के 1500 तो किसी के 1800 रुपये के बिल हैं। जिसकी शिकायत भी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि घर बैठे मीटर रीडिंग ली जा रही है और मनमुताबिक बिजली के बिल आदिवासियों को थमाए जा रहे हैं।
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electricity bill
- फोटो : iStock
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विस्तार
मध्यप्रदेश में मनमाने बिजली बिलों का लगातार विरोध हो रहा है। सीधी जिले के आदिवासियों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है। आदिवासियों ने बिजली जलाने से इनकार कर दिया है। साथ ही बिजली कटवाने के लिए वाहन की व्यवस्था करके मड़वास जेई के पास पहुंच गए हैं।
बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कम यूनिट में 100 रुपये बिजली के बिल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन आदिवासी अंचल में बिजली का बिल हैरान करने वाला सामने आ रहा है। किसी के 1500 तो किसी के 1800 रुपये के बिल हैं। जिसकी शिकायत भी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि घर बैठे मीटर रीडिंग ली जा रही है और मनमुताबिक बिजली के बिल आदिवासियों को थमाए जा रहे हैं। सीधी जिले के कुसमी आदिवासी अंचल के ग्राम पंचायत नोढिया देवार्थ के बनवारी गांव के आदिवासियों ने अब विरोध का अलग तरीका अपनाया है। उन्होंने बिजली जलाने से इनकार कर दिया है। साथ ही ग्रामीण जेई के पास पहुंचे और बिजली काट देने का आग्रह किया।
मड़वास जेई मनीष सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि हां हमारे पास अभी कुसमी से ग्रामीण आए थे, वे बिजली काटने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि हमें बिजली का बिल ज्यादा आता है और रीडिंग समय पर नहीं ली जाती है। जिसकी हम जांच कर आएंगे व अगर उनकी शिकायत सही होगी तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कम यूनिट में 100 रुपये बिजली के बिल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन आदिवासी अंचल में बिजली का बिल हैरान करने वाला सामने आ रहा है। किसी के 1500 तो किसी के 1800 रुपये के बिल हैं। जिसकी शिकायत भी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि घर बैठे मीटर रीडिंग ली जा रही है और मनमुताबिक बिजली के बिल आदिवासियों को थमाए जा रहे हैं। सीधी जिले के कुसमी आदिवासी अंचल के ग्राम पंचायत नोढिया देवार्थ के बनवारी गांव के आदिवासियों ने अब विरोध का अलग तरीका अपनाया है। उन्होंने बिजली जलाने से इनकार कर दिया है। साथ ही ग्रामीण जेई के पास पहुंचे और बिजली काट देने का आग्रह किया।
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मड़वास जेई मनीष सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि हां हमारे पास अभी कुसमी से ग्रामीण आए थे, वे बिजली काटने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि हमें बिजली का बिल ज्यादा आता है और रीडिंग समय पर नहीं ली जाती है। जिसकी हम जांच कर आएंगे व अगर उनकी शिकायत सही होगी तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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