{"_id":"6128ca91b685da7e5b5ab0a5","slug":"seven-years-old-kashvi-wants-to-give-eighth-class-exam-in-palampur-kangra","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांगड़ा: काशवी की उम्र सात साल, देना चाहती हैं आठवीं की परीक्षा","category":{"title":"Bashindey","title_hn":"बाशिंदे ","slug":"bashindey"}}
कांगड़ा: काशवी की उम्र सात साल, देना चाहती हैं आठवीं की परीक्षा
Fri, 27 Aug 2021 04:52 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, पालमपुर (कांगड़ा)
अमर उजाला नेटवर्क, पालमपुर (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 27 Aug 2021 04:52 PM IST
सार
पालमपुर नगर निगम के लोहना हिमुडा कालोनी में रहने वाली काशवी रेनबो सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ रही है। लॉकडाउन में उसने आठवीं के साथ नवमी का भी पूरा पाठ्यक्रम पढ़ लिया है। काशवी की माता ही उसकी गुरु है।
विज्ञापन
छात्रा काशवी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर की सात साल की बेटी की प्रतिभा से हर कोई दंग है। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली काशवी ने आठवीं और नौवीं की किताबें भी पढ़ ली हैं। उसे इस बात का इंतजार है कि सरकार आठवीं की परीक्षा में बैठने की इजाजत दे। अपनी इसी योग्यता के चलते वह लोगों का आकर्षण बनी हुई है।
विज्ञापन
पालमपुर नगर निगम के लोहना हिमुडा कालोनी में रहने वाली काशवी रेनबो सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ रही है। लॉकडाउन में उसने आठवीं के साथ नवमी का भी पूरा पाठ्यक्रम पढ़ लिया है। काशवी की माता ही उसकी गुरु है। उसकी माता कमलेश स्नातकोत्तर हैं और उन्होंने टेट और बीएड भी की है। हालांकि, वह अभी अध्यापन क्षेत्र में नहीं हैं। लेकिन अपनी बेटी की पूरी पढ़ाई वही करवाती हैं।
विज्ञापन
लिहाजा, परिजन सरकार की ओर देख रहे हैं कि क्या बेटी को आठवीं की परीक्षा में बैठने की इजाजत मिलती है या नहीं। काशवी पढ़ाई के साथ संगीत और खेल में भी खासी रुचि रखती है। काशवी की माता की मानें तो काशवी शुरू से ही पढ़ने में कुछ आगे दिखती थी। लेकिन लॉकडाउन के दौरान उन्हें उसकी इस प्रतिभा का अहसास हुआ, जब उसने मात्र दो महीने में आठवीं की पूरी तैयारी ली। वह नौवीं की भी परीक्षा दे सकती है।
विज्ञापन
पहले भी ऐसे छात्रों को मिली है मंजूरी
उत्तर प्रदेश की सुषमा वर्मा ने 2007 में सात साल में दसवीं की परीक्षा पास की है। शैलंद्रा वर्मा ने भी सात साल की उम्र में नेशनल ओपन स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की थी और 55 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। जबकि उसने 14 साल की उम्र में बीसीए पढ़ाई की है।