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घर में मां को पहाड़ी गीत गुनगुनाते सुन लोकगायक बन गईं रिचा
Mon, 03 Jun 2019 11:38 AM IST
अरविन्द ठाकुर
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 03 Jun 2019 11:38 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली की गलियों में पली-बढ़ी प्रदेश की बेटी रिचा शर्मा हिमाचल की संस्कृति से खुद को दूर नहीं रख पाईं। दिल्ली की गलियों में घूमते और घर में अपनी मां से हिमाचली लोक गीत सुनकर हिमाचल के लोक गीत उनके मन में ऐसे बैठ गए कि अब वह न केवल हिमाचल के लोक गीत गाती हैं, बल्कि उनके गाए गीतों को यू-ट्यूब पर प्रशंसक खूब सराह रहे हैं। तीन बहनों में सबसे छोटी रिचा शर्मा बचपन से दिल्ली में रह रही हैं।
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रिचा शर्मा का कंगन गढ़ाई तेरे मां-पियां पेजियो गीत यू-ट्यूब पर एक मीलियन व्यूज पाने में सफल रहा। चंबा के लोक गीत सायं-सायं मत कर राविये ने तीन लाख से अधिक व्यूज पाए। कारगिल शहीद बिक्रम बतरा की लव स्टोरी पर गाए सिपहिया गीत को भी खासी प्रशंसा मिल रही है। अब तक सिपहिया को करीब ढाई लाख व्यूज यू-ट्यूब पर मिले हैं। संगीत की पढ़ाई के बाद रिचा शर्मा स्वयं आर्ट ऑफ लिविंग में संगीत की अध्यापिका हैं, जबकि यू-ट्यूब पर झूरी प्रोडक्शन के नाम से अपना चैनल चला रही हैं। उनके 15 हजार से अधिक सब्सक्राइबर भी हैं।
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रिचा न केवल अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा, रेणुका जी, नलबाड़, शिमला ग्रीष्मोत्सव, सोलन फेस्टिवल के साथ दिल्ली में होने वाली हिमाचल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी अपनी प्रस्तुति देती हैं। हमीरपुर के बंबलू के टिक्कर गांव से संबंध रखने वाली रिचा शर्मा के पिता डीटीसी केएल शर्मा और माता उर्मिला शर्मा की हिमाचल इंपोरियम में नौकरी के चलते दिल्ली ईस्ट में ही रहे हैं। दिल्ली के डीसीएस स्कूल से पढ़ाई करने के बाद गंधर्व महाविद्यालय दिल्ली से संगीत की शिक्षा हासिल की है।
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मां गुनगुनाती थीं गाने तो याद हो गए
रिचा शर्मा बताती हैं कि बचपन में वह अपनी मां को हिमाचली गाने गुनगुनाते सुनती थीं। तभी से वह लोक गीत पसंद करती थीं। शुरू में मां से लोक गीतों की धुनें सीखीं, जबकि बाद में जयतीर्थ और अजय मिश्रा से संगीत की शिक्षा ली। रिचा बताती हैं कि लोक गीतों से युवाओं का रुझान कम नहीं हुआ है, बल्कि उन्हें अच्छे तरीके से पेश नहीं किया जाता है।
शूटिंग में दी थी रिचा को महिला ने मंहगी ज्वेलरी
रिचा शर्मा को यह बात शायद जिंदगी में कभी नहीं भूलेगी कि चंबा में जब वह अपने गाने की शूटिंग कर रही थीं तो उन्हें हिमाचली ज्वेलरी की आवश्यकता थी। इस दौरान गांव की एक महिला ने रिचा को अपनी पूरी ज्वेलरी दे दी। इस बात को वह कभी नहीं भूल सकती हैं।