जौनसारी छोरिए ने उत्तराखंड में भी मशहूर कर दिया हिमाचली गायक
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उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र की नायिका पर गाए महासुवीं पहाड़ी के एक लोकगीत ने इन दिनों खूब धमाल मचा रखा है। इस पहाड़ी नाटी गीत ने हिमाचल और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों पर अपना जादू बिखेर दिया है। इस गीत की रचना मशहूर गीतकार हरिकिशन वर्मा ने की है। इसे स्वर लोकगायक रामेश्वर शर्मा ने दिए हैं। यह गीत ‘ठीकठाक शर्मा जी’ एलबम में है। इसे संगीतकार राजीव नेगी ने संगीत दिया है।
‘जौनसारी छोरिए’ गीत को हिमाचल के बजाय उत्तराखंड के जौनसार और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में खूब सुना जा रहा है। उत्तराखंड के लोग भी इस नाटी गीत को महासुवीं पहाड़ी बोली में ही गुनगुनाने लगे हैं। रामेश्वर शर्मा के इस नए वीडियो एलबम ‘ठीकठाक शर्मा जी’ को दो सप्ताह पहले ही यू-ट्यूब पर डाला गया। यू-ट्यूब पर महज छह दिन में ही इसे एक लाख दर्शक देख चुके हैं।
इससे पहले भी उनके कई लोकगीत हिट हो चुके हैं। इनमें ऊंची ओ धारो रा नजारा शायना, लालेया बानिया, बानुये बांठने, हाए मेरी चांदनी आदि लोकगीत प्रमुख हैं। रामेश्वर शर्मा हिमाचल में हर स्टेज पर प्रस्तुति दे चुके हैं।
शिमला समर फेस्टिवल, मंडी का शिवरात्रि, कुल्लू का दशहरा, रामपुर का लवी मेलों आदि के अलावा उत्तराखंड में भी कई स्टेज शो कर चुके हैं। रामेश्वर शर्मा की नई एलबम में पांच गीत हैं। रामेश्वर शर्मा पंचायत बमटा के गांव बजरोठ चौपाल निवासी हैं।
इनकी एलबम सुनहरे पल, झंकार, फिर सजी महफिल, यादें छोड़ गए आदि को भी लोगों ने खूब सराहा है। रामेश्वर शर्मा ‘ठीकठाक शर्मा जी’ एलबम में ‘जौनसारी छोरिए’ समेत कई अन्य लोकगीतों के चर्चा में आने के बाद से काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि दर्शकों की इस सराहना के बाद वह और बेहतरीन लोकगायकी करेंगे।
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