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हमीरपुर की बेटी को देश की यंग चाइल्ड साइंटिस्ट का अवार्ड

Wed, 01 Jan 2020 01:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 01 Jan 2020 01:46 PM IST
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Hamirpur Antra Sharma won country young child scientist award
- फोटो : अमर उजाला

हमीरपुर जिले के प्रदेश पब्लिक स्कूल बणी की छात्रा अंतरा शर्मा को देश की यंग चाइल्ड साइंटिस्ट अवार्ड मिला है। त्रिवेंद्रम में 26 से 30 दिसंबर तक आयोजित राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन में छात्रा का ई-मनी बिन प्रोजेक्ट प्रथम स्थान पर रहा है। बता दें कि देशभर में सफाई अभियान जोर से चल रहा है। इसी बीच प्रदेश पब्लिक स्कूल ऑफ साइंसेज की दो छात्राओं ने ऐसा प्रोजेक्ट बनाया है, जो कूड़े को अलग कर उसको खत्म ही नहीं करेगा, बल्कि उसका इस्तेमाल कर राजस्व भी पैदा होगा।

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इस खोज को नन्हे वैज्ञानिकों ने ई-मनी बिन का नाम दिया है। इन छात्राओं की खोज प्रदेशभर में प्रथम स्थान पर रही और राष्ट्रीय स्तर पर त्रिवेंद्रम के लिए चयनित हुई। इसी कड़ी में छात्रा अंतरा शर्मा ने 26 से 30 दिसंबर तक त्रिवेंद्रम में राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रतियोगिता में भाग लिया और यंग चाइल्ड साइंटिस्ट का अवार्ड पाया। स्कूल की दूसरी छात्रा इंदु डोगरा 3 से 7 जनवरी तक बंगलूरू में होने वाली इंडियन साइंस कांग्रेस में हिस्सा लेगी।
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इस ई-मनी बिन के जरिये लोगों के घरों में ही कचरा प्रबंधन लघु उद्योग स्थापित करने का उद्देश्य है, जिससे घर में सफाई, हरियाली और स्वस्थ वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। चेयरमैन डा. रजनीश कंवर ने बताया कि उक्त खोज उनके, सहयोगी अध्यापकों और छात्राओं की मेहनत का नतीजा है। उक्त खोज की तर्ज पर ही सोसायटी जनवरी 2020 में एक उद्योग स्थापित करेगी और तमाम तरह के कचरे का निष्पादन कर ई-मनी बिन प्रोजेक्ट साकार करेगी। उक्त प्रोजेक्ट के लिए हमीरपुर शहर को मॉडल बनाया जाएगा।
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जंगलों में आग का कारण बनने वाले चलारू से तैयार होने वाला पिअनोपिट का इस्तेमाल कर मिट्टी का गमला बनाया जाएगा। जिसमें तमाम माइक्रो न्यूट्रीएंट, सब्जियों आदि का उत्पादन होगा। इस प्रक्रिया से सैकड़ों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत नई सोच नई खोज स्कूल बनेगा जो विश्व का पहला स्कूल होगा। इसके लिए हिमाचल सरकार के साथ एमओयू भी साइन कर लिया गया है।

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