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हिमाचल ही नहीं, अन्य राज्यों में भी गूंज रहे सूरज के लिखे गीत

Mon, 08 Apr 2019 12:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर फरेंद्र ठाकुर, अमर उजाला, मंडी
फरेंद्र ठाकुर, अमर उजाला, मंडी Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 08 Apr 2019 12:04 PM IST
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Doordarshan artist and singer suraj mehta story from mandi himachal
सूरज मेहता - फोटो : अमर उजाला

दूरदर्शन के कलाकार सूरज मेहता ने प्रदेश के अलावा विदेशों में भी अपने गीतों से पहचान बनाई है। जिला मंडी के पधर क्षेत्र से संबंध रखने वाले कलाकार सूरज मेहता को बचपन से गीत-संगीत का शौक था। स्कूल समय से ही यह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे।

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सूरज ने कठिन परिस्थितियों से गुजरते हुए लोक संगीत का सफर तय किया। उन्होंने प्रदेश विश्वविद्यालय से हिंदी में एमए और प्रयाग संगीत विश्वविद्यालय इलाहाबाद से शास्त्रीय संगीत में सीनियर डिप्लोमा हासिल किया है। वह बचपन में अपने गीत कक्षा में दोस्तों व अध्यापकों को सुनाते थे।
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वर्ष 1998 में आकाशवाणी शिमला से निरंतर प्रसारण चला है। जहां उन्होंने स्वयं लिखे भजन और गीत गाए हैं। बहुत सी म्यूजिकल कंपनियों ने उनके लिखे भजनों-गीतों को रिकॉर्ड किया। वह अपने गीत खुद लिखते हैं और खुद ही कम्पोज करते हैं।
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सूरज मेहता एक कुशल गीतकार, संगीतकार होने के साथ एक अच्छे रंगकर्मी भी हैं। उन्होंने मंडी के अनेक कला मंचों के साथ नुक्कड़ नाटक भी किए हैं। पिछले 20 वर्षों से लोक संपर्क विभाग मंडी में कैजुअल आर्टिस्ट हैं।

कई राज्यों में दे चुके हैं प्रस्तुतियां

उन्होंने प्रदेश के हर छोटे-बड़े मंचों पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं। प्रदेश सहित बाहरी राज्यों में भी अपनी कला के रंग बिखेर चुके हैं। अब तक जम्मू, दिल्ली, फरीदाबाद, चंडीगढ़, लुधियाना, देवी तालाब मंदिर अमृतसर, गुजरात, द्वारिका, राजस्थान के पुष्कर, वृंदावन, उत्तराखंड सहित अनेक शहरों में भगवती जागरण, माता की चौकी और भजन संध्याएं कर चुके हैं।

तीन लघु फिल्मों में बतौर संगीतकार किया काम 
प्रदेश की तीन लघु फिल्मों में बतौर संगीतकार काम किया है। इनमें फिन्हिए बनाया भल्ला सारे ग्रावां पया हल्ला, एक ही भतेरा और छोरूआं री गला शामिल हैं। इन्हें यू-ट्यूब पर लाखों दर्शक देख चुके हैं। हिंदी कैसेट बोलो राम व देव मिलन कैसेट से काफी पहचान मिली है।

उनके लिखे पहाड़ी गाने तेरे नैणा रे इशारे एलबम खुद लिखी व गाई है। उनके लिखित गीतों में आज दिन बड़े भागां वाला, ऊंची धारा तेरा मंदिर, देव हुरंग नारायण, पशाकोट, बाबा कमलाहिया, आई पूजे मंदिरा तेरे, जय-जय कोयला माता सहित अन्य गीत आकाशवाणी व दूरदर्शन में रिकॉर्ड हुए हैं और यू-ट्यूब पर भी इन्हें लाखों लाइक मिले हैं। सूरज मेहता का लक्ष्य लोक संस्कृति के लिए काम करना और इसे संरक्षित करना है।

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