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दिवेश ने यूपीएससी परीक्षा में लहराया परचम, बिना कोचिंग पाई कामयाबी

Sun, 07 Apr 2019 04:19 PM IST
दुष्यंत शर्मा अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति) Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 07 Apr 2019 04:19 PM IST
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Divesh passed UPSC civil services exam without coaching
दिवेश शाशनी - फोटो : अमर उजाला

सिविल सर्विस परीक्षा में लाहौल के दिवेश शाशनी ने भी कामयाबी हासिल की है। इस साल कुल 759 प्रतिभागियों ने यूपीएससी की परीक्षा पास की है। यूपीएससी मेन्स की परीक्षा सितंबर-अक्तूबर 2018 में हुई थी। दिवेश ने बिना कोचिंग यह परीक्षा पास की है। इसमें देशभर के करीब 13 लाख युवा शामिल हुए। महज 24 साल के दिवेश ने इंजीनियरिंग करने के बाद परीक्षा में दर्शनशास्त्र विषय को चुना।

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दिवेश लाहौल के गौशाल गांव के अब दूसरे युवा बन गए हैं, जिन्होंने यह परीक्षा पास की है। इससे पहले दिवेश के ही परिवार से सिद्धार्थ शाशनी ने यह कामयाबी हासिल की है। सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट दिवेश सिविल सर्विस के जरिये समाजसेवा करने के साथ स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन देना चाहते हैं।

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बागवान के पुत्र दिवेश ने पढ़ाई की शुरुआत में ही आईएएस बनने की ठान ली थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मनाली के डीपीएस स्कूल से हुई। इसके बाद जमा दो दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल से प्रथम श्रेणी में पास की। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ से 2016 में सिविल इंजीनियरिंग की। इसके बाद सिविल सर्विसेज की परीक्षा की तैयारियों में जुट गए।

उनके पिता बलदेव शाशनी और माता कमलेश शाशनी ने कहा कि दिवेश ने परिवार का नाम रोशन किया है। बलदेव शाशनी ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की कामयाबी पर नाज है। दिवेश ने अमर उजाला से कहा कि वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही सिविल सर्विसेज की तैयारियों में जुट गए थे। दिवेश की कामयाबी पर पूरे गौशाल गांव में खुशी का माहौल है।

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