अगले साल माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह करेगा हिमाचल का ये गबरू
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के पालमपुर की मनसिंबल पंचायत के विश्वजीत का माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने का सपना जल्द पूरा होने जा रहा है। वे अगले साल माउंट एवरेस्ट की चोटी को फतह करने निकलेंगे। यह दावा विश्वजीत के पिता सुमन सिंह कटवाल ने किया है। उन्होंने बताया कि विश्वजीत ने माउंट एवरेस्ट चोटी को फतह करने से पहले रिकॉर्ड नौ दिन में बेस कैंप तक का सफर किया है।
एवरेस्ट पर जाने के लिए आवेदन करने के लिए बेस कैंप तक जाना अनिवार्य होता है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर पर्वतारोही बेस कैंप में पहुंचने के लिए 130 किलोमीटर का सफर तय करने में 10 से 15 दिन लगाते थे। इस दूरी को विश्वजीत सिंह उर्फ वासु और उनके दल ने रिकॉर्ड नौ दिन में पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि विश्वजीत शनिवार को घर लौटने वाले हैं। बेटे की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।
विश्वजीत सिंह कटवाल (22) दिल्ली अमेटी यूनिवर्सिटी में बीबीए के छात्र हैं। वे मूल रूप से मंडी जिले के संधोल निवासी हैं, लेकिन 25 साल से उनका परिवार पालमपुर के मनसिंबल के दैहन में रह रहा है। उनके पिता सुमन कटवाल स्कूल प्रधानाचार्य हैं, जबकि माता शशि कटवाल अध्यापिका हैं। उनकी एक बड़ी बहन हैं। वासु के पिता ने बताया कि विश्वजीत बचपन से पर्वतारोही बनना चाहते थे।
वे नौ नवंबर को घर से काठमांडू के लिए निकले थे। 11 नवंबर को वहां से लुकला के लिए जहाज में उड़ान भरी थी। 11 नवंबर को उनके दल ने बेस कैंप के लिए पैदल चलना शुरू किया था। 17500 फुट की ऊंचाई पर चार दिन उनका संपर्क वासु से टूट गया था। उनके बेट के साथ दो विदेशी और एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। अपने निजी खर्चे पर वासु ने यह ट्रैकिंग की है।