गांव में पहली जमा दो पास कला देवी का यूएनओ में डंका, हिंदी में दिया भाषण
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अपने गांव में पहली जमा दो पास और बाद में तीन स्कूलों में पीटीए के तहत पढ़ाने वाली कला देवी का न्यूयार्क में आयोजित यूएनओ के सम्मेलन में डंका बजा है। महिला सशक्तीकरण पर हिमाचल के सराज की इस बेटी ने 40 मिनट हिंदी में भाषण देकर सबका दिल जीता है।
तीन अक्तूबर को न्यूयार्क में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। यूएनओ के महाधिवेशन में भारत के हिमाचल से पंचायती राज विभाग के सौजन्य से चुनी सराज के धार जरोल पंचायत की प्रधान कला देवी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।
वह मंडी वापस पहुंच चकी हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ यूपी के एक सरपंच को भी चुना गया। मंडी पहुंचने पर कला देवी ने बताया कि न वीजा, न पासपोर्ट इन सब को एक चुनौती मानकर यूएनओ के महाधिवेशन में शिरकत कर महिला सशक्तीकरण पर अपने विचार प्रकट कर सफलता हासिल की।
अपने भाषण में कला देवी ने ये कहा
प्रधान कला देवी ने बताया कि उसने अपने संबोधन में बताया कि उनकी पंचायत जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर ही और 4 घंटे जिला मुख्यालय से उनकी पंचायत में पहुंचने को लगते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पंचायत में 2 प्राथमिक पाठशाला, एक उच्च पाठशाला, एक पीएचसी, एक आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, एक आंगनबाड़ी केंद्र और एक पशु औषधालय है। कला ने कहा कि दुर्गम पंचायत होने के नाते यह अब सुविधाएं उन्होंने हासिल की है।
बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते उन्हें नानी ने पढ़ाया। पंचायत प्रधान कला देवी ने बताया कि सीएम जयराम ठाकुर उनके प्रेरणा स्रोत हैं।
इससे पहले भी बाइक पर सवार होकर पोलियो वैक्सीन का टीका नौनिहालों तक पहुंचाने वाली स्वास्थ्य महिला कर्मी गीता ने डब्लयूएचओ की कैलेंडर गर्ल बनकर नाम रोशन किया। सबसे युवा महिला प्रधान के रूप में थरजून पंचायत की जबना देवी ने भी नाम कमाया है।