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वर्ल्ड कप खेलने वाली पहली हिमाचली क्रिकेटर बनेगी सुषमा

Sun, 23 Jul 2017 12:22 PM IST
अशोक चौहान/अमर उजाला, शिमला
अशोक चौहान/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 23 Jul 2017 12:22 PM IST
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Sushma verma in india vs england womens cricket world cup Final

महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जीत के लिए हिमाचल में दुआओं का दौर शुरू हो गया है। वर्ल्ड कप में खेलने वाली पहली हिमाचली खिलाड़ी सुषमा वर्मा के माता-पिता, रिश्तेदार और पूरा गांव जीत की दुआएं मांग रहा है। शिमला के सुन्नी तहसील के एक छोटे से गांव गढेरी की रहने वाली सुषमा वर्मा ने हौसलों की उड़ान से यह कामयाबी हासिल की है।

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महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में गत विजेता ऑस्ट्रेलिया को हराने वाली टीम इंडिया अब रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में उतरने जा रही है। शिमला की बेटी सुषमा भी इस मुकाबले में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज अपना दम दिखाने को तैयार है।
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हालांकि, अभी तक इस पूरे टूर्नामेंट में सुषमा को ज्यादा बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला है। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ खेली उनकी 33 रनों की पारी ने एक हारा हुआ मैच भारत की झोली में डाल दिया था। वहीं, बतौर विकेटकीपर भी सुषमा का प्रदर्शन लाजवाब रहा है और इसी कारण कप्तान मिताली राज उन पर पूरा भरोसा जताए हुए हैं।
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सुषमा के इस शानदार प्रदर्शन से उनके गांव में भी जश्न सा माहौल है। पिता गोपाल वर्मा जेबीटी टीचर हैं। पिता ने बताया कि सुषमा ने लॉर्ड्स मैदान पहुंचने पर शुक्रवार को ही उनसे बात की थी। कहा- वर्ल्ड कप के साथ ही वापस लौटेंगे। सभी खिलाड़ी जीत को लेकर आश्वस्त हैं।

सुषमा एक ओर प्रदेश का नाम रोशन कर रही है तो दूसरी ओर बेटियों के लिए प्रेरणा भी साबित हो रही है। वहीं, सरकार ने अभी तक सुषमा को न तो कोई सम्मान दिया है और न ही कभी नौकरी का ऑफर दिया। 

नेशनल वॉलीबाल प्लेयर से ऐसे बनी क्रिकेटर
सुषमा ने शिमला के पोर्टमोर स्कूल से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। स्कूल से हैंडबॉल और वॉलीबाल में नेशनल तक उसका चयन हुआ। इसी दौरान एचपीसीए ने समरहिल मैदान में क्रिकेट ट्रायल करवाया। सुषमा ने पिता को बताया कि वह भी कोशिश करना चाहती है।

पिता ने हामी भरी। सुषमा ट्रायल में गईं और उनका चयन भी हो गया। इसके बाद 2009 से लेकर 2014 तक एचपीसीए में प्रशिक्षण लिया। हिमाचल टीम और अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने पर उन्हें टीम इंडिया में खेलने का मौका मिल गया। बाद में रेलवे की नौकरी भी मिल गई।


2015 के बाद से सुषमा लगातार टीम का हिस्सा रही हैं। शिमला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि सुषमा ने शिमला में भी कुछ समय कोचिंग ली थी। उन्होंने शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी है।

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