इस बेटी ने सीबीएसई परीक्षा में रचा इतिहास, बनी देश की पहली ऐसी छात्रा
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सोनम छोमो की कामयाबी ने इस मिथक को तोड़ा है कि आरक्षित वर्ग के बच्चे आरक्षण के बूते ही मुकाम हासिल कर पाते हैं। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की बेटी ने देश की ऐसी पहली और इकलौती ट्राइबल स्टूडेंट बनने का गौरव हासिल किया है।
छोमो ने सीबीएसई की जमा दो की परीक्षा में देशभर में टॉप टेन में जगह बनाई है। लाहौल-स्पीति के गेमूर गांव की प्रतिभाशाली बेटी अहमदाबाद में अध्ययनरत है। कला संकाय में छोमो ने 97.8 फीसदी अंक लेकर टॉप टेन में जगह बनाई है।
सोनम छोमो अहमदाबाद रीजन में टॉप रैंक पर आई हैं। बड़ी होकर छोमो ग्राफिक्स डिजाइनर या आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। छोमो का कहना है कि सीबीएसई की परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने पिछले 10 सालों के प्रश्न पत्रों का बारीकी से अध्ययन किया।
कहती हैं कि उनकी जिंदगी में सोशल मीडिया के लिए कोई स्पेस नहीं है। सोशल मीडिया वास्तविकता की बजाय इंसान को आभासी दुनिया में कैद कर लेता है। स्वस्थ मन और शरीर के लिए संतुलित आहार जरूरी है। इसके लिए उनकी मां ने पूरा ख्याल रखा।
बताया कि प्रतिशतता के मुताबिक अब उन्हें देश के सबसे बेहतर संस्थानों में प्रवेश मिलेगा। पहली कोशिश है कि ग्राफिक डिजाइन के लिए एनआईडी में जाऊं या फिर सेंट स्टीफन से अंग्रेजी विषय में आगे पढ़ाई जारी रखूं।
मां चारु प्रार्थी बेटी की कामयाबी से बेहद खुश हैं। कहा कि मेहनत और लगन के दम पर छोमो ने इस कामयाबी को हासिल किया है। छोमो के चाचा पूर्व जिप उपाध्यक्ष रिगजिन हायरपा ने कहा कि सोनम की कामयाबी ने देश भर के जनजातीय बेटियों को नई ऊर्जा देने का काम किया है।