नेशनल फिल्म अवार्ड में सबसे कम उम्र के ज्यूरी मेंबर बने ये डायरेक्टर
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दो दशक से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में धाक जमा चुके हिमाचल के निर्देशक संजीव रत्न को 64वें नेशनल फिल्म अवार्ड-2017 में एक बार फिर ज्यूरी मेंबर बनने का मौका मिला। नेशनल फिल्म अवार्ड की नॉन फीचर कैटेगिरी में संजीव रत्न सबसे कम आयु के ज्यूरी मेंबर रहे।
इससे पूर्व भी संजीव नेशनल फिल्म अवार्ड-2015 में सात सदस्यीय ज्यूरी में शामिल होकर सबसे युवा ज्यूरी मेंबर के रूप में अपना नाम दर्ज करवा चुके हैं। सिनेमा जगत में संजीव रत्न के अहम योगदान को देखकर ही नेशनल फिल्म अवार्ड में दूसरी बार उन्हें ज्यूरी मेंबर बनने का मौका मिला।
दिल्ली में हुए नेशनल फिल्म अवार्ड समारोह के मुख्यातिथि केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने संजीव रत्न को सम्मानित किया। कांगड़ा जिले से संबंध रखने वाले संजीव रत्न उस समय देश भर में चर्चा में आए थे, जब उनकी हिमाचली बेस फिल्म दिले च बसिया कोई और पन चक्की को 2011 में एक साथ पांच अवार्ड मिले थे।
पीयू में इंडियन थिएटर के गोल्ड मेडलिस्ट हैं संजीव
हिमाचली बेस फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ पांच नेशनल फिल्म अवार्ड दिलाकर संजीव ने न केवल इतिहास रचा, बल्कि इससे सूबे की फिल्म इंडस्ट्री को संजीवनी भी मिली। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में संजीव रत्न ने बताया कि वे विनोद चोपड़ा के साथ शीघ्र नया प्रोजेक्ट कर रहे हैं। इसमें वह को डायरेक्टर होंगे। इसके लिए गरली-प्रागपुर में लोकेशन भी देख चुके हैं। इसकी कास्टिंग चल रही है।
संजीव रत्न की जमा दो तक पढ़ाई विज्ञान विषय में पूरी हुई। इसके बाद डिग्री कॉलेज धर्मशाला से 1992 में कला स्नातक और बाद में पंजाब विश्वविद्यालय से इंडियन थिएटर में स्नात्तकोत्तर में गोल्ड मेडल हासिल किया।
ये नेशनल फिल्ड अवार्ड हैं संजीव के खाते में
संजीव रत्न के निर्देशन में बनी दिले च बसिया कोई फिल्म को 2011 में बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट प्रोड्यूसर का अवार्ड मिला, जबकि पन चक्की के खाते में बेस्ट फिल्म और बेस्ट म्यूजिक का अवार्ड आया।