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फिल्म इंडस्ट्री में हिमाचल के संजीव का डंका

Wed, 18 Apr 2018 04:03 PM IST
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला Updated Wed, 18 Apr 2018 04:03 PM IST
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 sanjeev appointed as vice president on feature section of national film award

हिमाचल के फिल्मकार ने फिल्म इंडस्ट्री में डंका बजाया है। माचली फिल्म ‘दिले च बसिया कोई’ और ‘पन चक्की’ को पांच नेशनल अवार्ड दिलाकर चर्चा में आए संजीव रत्न ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिभा का लोहा मनावाया है। 

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इस साल 65वें नेशनल फिल्म फेस्टिवल में संजीव रत्न न केवल ज्यूरी सदस्य बने, बल्कि फीचर सेक्शन में उन्हें वाइस चेयरमैन बनाया गया। वाइस चेयरमैन बनना न केवल उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही, इससे हिमाचल का नाम भी बॉलीवुड में चमका है।
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धर्मशाला स्थित खनियारा से संबंध रखने वाले संजीव इससे पहले 64वें नेशनल फिल्म अवार्ड और 2015 में सात सदस्यीय ज्यूरी में सबसे युवा सदस्य के रूप में नाम दर्ज करवा चुके हैं। इस बार उन्हें तीसरी बार ज्यूरी सदस्य बनने का मौका मिला। 
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उन्होंने हिंदी, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, कश्मीरी, हिमाचली और लद्दाखी 55 फिल्मों से विभिन्न कैटागरी के लिए नेशनल फिल्म अवार्ड के लिए चयनित किया। संजीव ने जमा दो की पढ़ाई विज्ञान विषय में पूरी की है, जबकि धर्मशाला कॉलेज से साल 1992 में कला स्नातक और पंजाब विश्वविद्यालय से इंडियन थिएटर में गोल्ड मेडल हासिल किया है।

इन फिल्मों को मिले थे नेशनल फिल्म अवॉर्ड

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संजीव उस समय चर्चा में आए थे, जब उनके निर्देशन में बनी ‘दिले च बसिया कोई’ को साल 2011 में बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट प्रोड्यूसर का अवार्ड मिला, जबकि ‘पन चक्की’ को बेस्ट फिल्म और बेस्ट म्यूजिक का अवार्ड मिला था।

संजीव के योगदान को बॉलीवुड कभी नहीं भूलता। इसी का नतीजा है कि लगातार तीन बार उन्हें नेशनल फिल्म अवार्ड में ज्यूरी मेंबर बनाया गया। लेकिन, संजीव के हुनर से प्रदेश सरकार अंजान है। इसी का नतीजा है कि हाल ही में प्रदेश सरकार के आयोजित फिल्म उत्सव के लिए संजीव रत्न को सूचना तक नहीं दी गई। इस बात का संजीव की भी मलाल है।

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