हिमाचल के बेटे ने रचा इतिहास, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैचों में मिली बड़ी जिम्मेदारी
देवभूमि के हमीरपुर जिले के उपमंडल नादौन का रोहित जल्द ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैचों में बतौर रेफरी नजर आएगा। अखिल भारतीय फुटबाल संघ की ओर से प्रोजेक्ट फ्यूचर इंडिया 2017 की परीक्षा उत्तीर्ण कर तरंगवाल निवासी रोहित ने इतिहास रच दिया है।
रोहित पहला हिमाचली होगा जो अंतरराष्ट्रीय फुटबाल मैचों में रैफरी नजर आएगा। रोहित ने वर्ष 2014 में यह परीक्षा दी थी, लेकिन इसमें उसे सफलता नहीं मिल पाई। रोहित ने पहली बार मिली असफलता से हार नहीं मानी और दोबारा परीक्षा की तैयारी में जुट गया।
गुजरात के गांधीनगर में हुई परीक्षा में रोहित ने देश से आए रेफरियों में से दूसरा स्थान प्राप्त किया। ऐसे में अब रोहित भविष्य में फुटबाल मैचों में बतौर रेफरी मैच करवाएगा। अपनी सफलता का श्रेय रोहित ने अभिभावकों को दिया है।
क्या है प्रोजेक्ट फ्यूचर इंडिया 2017 प्रोजेक्ट
अखिल भारतीय फुटबाल संघ द्वारा प्रोजेक्ट फ्यूचर इंडिया 2017 प्रोजेक्ट परीक्षा का मुख्य उद्देश्य भविष्य के रेफरी तैयार करना है। परीक्षा पास करने वाले प्रतिभागियों को अगले वर्ष होने वाले फीफा वर्ल्ड कप में मैच करवाने का मौका दिया जा सकता है।
इसके अलावा इन्हें विदेश में भी करीब डेढ़ साल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण चार चरणों में होगा। इसके अलावा एआईएफएफ द्वारा करवाई जाने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं के मैचों में भी रेफरी शिप करने का मौका मिलेगा।