रोशन किया नाम, भारतीय नौसेना में असिस्टेंट कमांडेंट बना प्रदेश का बेटा
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रौड़ा सेक्टर के रितेश भारद्वाज भारतीय सशस्त्र सेना में असिस्टेंट कमांडेंट बने है। रितेश ने इस उपलब्धि से जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। शहर के रौड़ा सेक्टर में सीजेएम कोर्ट से सेवानिवृत्त अधीक्षक बनवारी लाल और माता शिक्षिका कांता देवी के घर 1 अगस्त 1988 को जन्मे रितेश की कड़ी मेहनत रंग लाई है।
रितेश की इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। रितेश की प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में हुई। वर्ष 2005 में दिल्ली के पंडित दीन दयाल उपाध्याय इंस्टीट्यूट फॉर फिजिकल हेंडीकैप्ट से बैचलर आफ फिजियोथैरेपी की डिग्री हासिल की। भारतीय तटरक्षक चयन बोर्ड की परीक्षा पास करने के बाद रितेश की नियुक्ति दिसंबर वर्ष 2011 में भारतीय तटरक्षक में जनरल ड्यूटी ऑफिसर के रूप में हुई।
वर्तमान में रितेश मुंबई में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा रितेश ने केरल में भारतीय नौसेना अकादमी से प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। 2013 में मिड-शिप-मैन फेज की परीक्षा में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया।2014 में कोस्ट गार्ड लॉ एंड ऑपरेशंज कोर्स किया।
35 अधिकारियों से आगे निकलकर हासिल किया प्रथम स्थान
इस कोर्स में भी रितेश ने 35 अधिकारियों से आगे निकलकर प्रथम स्थान हासिल किया। तट रक्षक पोत पर दो साल तक सभी प्रकार की दक्षताओं को सीखने के बाद तट रक्षक की एविएशन ब्रांच में चुने गए। जनवरी 2016 में भारतीय वायुसेना अकादमी हैदराबाद में 198 पीसी बैच में प्रवेश लिया और जून 2016 में प्रशिक्षण पूरा करते हुए भारतीय नौ सेना और भारतीय तटरक्षक अधिकारियों में
सर्वश्रेष्ठ पायलट बनकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। हैलीकॉप्टर प्रशिक्षण के लिए रितेश चेन्नई स्थित हैलीकाप्टर ट्रेनिग स्कूल के लिए रवाना हो गए हैं। रितेश भारद्वाज ने उपलब्धियों का श्रेय अपने माता-पिता, पत्नी अंकिता और कमान अधिकारी डीआईजी राजेश मकवाना (टीएम बार) को दिया है।