सबसे कम उम्र की अंपायर बनी हिमाचल की ये बेटी
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हिमाचल की बेटी सबसे कम उम्र की अंपायर बनी। कोटखाई के डकाहल के बागवान की बेटी पारुल चौहान सॉफ्टबॉल और बेसबॉल खेल की सबसे कम उम्र की अंपायर और स्कोरर बनी हैं।
हाल ही में पारुल ने हांगकांग में आयोजित की गई वर्ल्ड सॉफ्टबॉल, बेसबॉल कन्फेडरेशन में हिस्सा लिया। पारुल इन दोनों खेलों में बतौर अंपायर और स्कोरर बनने के लिए पात्र हो गई हैं।
बेसबॉल और सॉफ्टबाल की अच्छी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी होने के साथ ही वह अब स्कोरर और अंपायर भी बन चुकी हैं। पारुल का सपना है कि वह फिर से इन दोनों खेलों में भारतीय टीम की सदस्य बने और देश के लिए मेडल जीतकर लाए।
इसके साथ ही पारुल प्रदेश में इन दोनों खेलों का प्रशिक्षण देकर इन्हें बढ़ावा देने की इच्छा रखती हैं। इससे पहले वह 2016 में सॉफ्टबॉल में भारतीय टीम की ओर से खेल चुकी है।
प्रेजिडेंशियल चैंपियनशिप में करेंगी अंपायरिंग
इस एशियन स्तर की चैंपियनशिप में भारतीय महिला टीम ने पांचवां स्थान पाया था। अपनी इसी खेल उपलब्धि के चलते वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हाथों सम्मानित भी हो चुकी हैं।
एचएमवी कॉलेज जालंधर से स्नातक की डिग्री पूरी कर चुकी पारुल ने बताया कि गुवाहाटी में 22 से 27 अप्रैल तक होने वाले प्रेजिडेंशियल अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में पहली मर्तबा अंपायर और स्कोरर के रूप में भाग लेंगी।
उन्होंने बताया कि इस खेल में आगे बढ़ने के लिए उनके पिता स्वर्गीय राजेश चौहान ने हमेशा प्रेरित किया। मां वैजयंती चौहान ने भी हर तरह से सहयोग किया। यदि सही मंच और सुविधा मिले, तो वे इन दोनों खेलों को
बढ़ावा देने में हमेशा सहयोग करने को तैयार रहेंगी। साथ ही अपने खेल में और सुधार कर भारतीय टीम की ओर से सॉफ्टबाल और बेसबाल में खेलकर देश को मेडल दिलवाना चाहती हैं।