{"_id":"5df0f3b18ebc3e87ec7ff1fe","slug":"mrigank-rejected-five-lakh-jobs-to-join-the-army-now-became-lieutenant","type":"story","status":"publish","title_hn":"मृगांक ने सेना में जाने के लिए ठुकरा दी पांच लाख की नौकरी, अब बने लेफ्टिनेंट","category":{"title":"Bashindey","title_hn":"बाशिंदे ","slug":"bashindey"}}
मृगांक ने सेना में जाने के लिए ठुकरा दी पांच लाख की नौकरी, अब बने लेफ्टिनेंट
Wed, 11 Dec 2019 07:18 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 11 Dec 2019 07:18 PM IST
विज्ञापन
मृगांक सोनी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश सेवा का जज्बे में मृगांक सोनी ने पांच लाख रुपये की नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया और सेना में जाने का फैसला लिया। अब आईएमए देहरादून में पासिंग आउट परेड में मृगांक सोनी के कंधों पर लगे तमगों को परिजनों ने चूमा। मृगांक सोनी के पिता वीके सोनी ने बताया कि सोलन स्थित जेपी विश्वविद्यालय में बीटेक कर रहे सोनी को कैंपस प्लेसमेंट के दौरान पांच लाख की नौकरी नोयडा की एक कंपनी में मिल गई।
विज्ञापन
सेना में जाने के जज्बे के कारण सोनी ने नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया। मृगांक सोनी ने एलाइड की परीक्षा पास कर लेफ्टिनेंट का प्रशिक्षण हासिल किया। आईएमए देहरादून में सात दिसंबर को पासिंग आउट परेड में मृगांक सोनी लेफ्टिनेंट रैंक से नवाजा गया। मृगांक सोनी ने सफलता का श्रेय दादा नारायण दास सोनी, दादी निर्मल सोनी, नाना कैलाश कोमरोय, नानी ललिता कोमरोय, पिता वीके सोनी और माता सुमिता सोनी को दिया है।
विज्ञापन