बेटी ने रोशन किया नाम, मिला राष्ट्रीय क्रीड़ा रत्न पुरस्कार
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अंतरराष्ट्रीय धावक कल्पना परमार ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पर रोशन किया है। रविवार को एसएनडीटी महिला कॉलेज घाटकोपर मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय समता पुरस्कार समारोह 2016 में कल्पना परमार को क्रीड़ा रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुंबई की समता साहित्य अकादमी ने खेलों में उनके योगदान के लिए इस पुरस्कार के लिए चयनित किया।
कल्पना इससे पहले प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जापान में रोशन कर चुकी हैं। बंगलूरू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर की 10 किलोमीटर दौड़ और दिल्ली में 21 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय हॉफ मैराथन में भी प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। अपनी आयु वर्ग में वह 21 किलोमीटर दौड़ने वाली प्रदेश की एकमात्र महिला धावक हैं।
उनका अगला लक्ष्य 42 किलोमीटर की मैराथन है, जिसके लिए वह अभी से अभ्यास में जुटी हैं। 4 से 8 मई 2016 तक सिंगापुर में आयोजित एशियन मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कल्पना ने भारत का प्रतिनिधित्व 5000 मीटर व 1500 मीटर दौड़ में किया।
गोवा में कांस्य पदक हासिल किया
यहां से कल्पना का चयन आस्ट्रेलिया के पर्थ में होने वाली चैंपियनशिप के लिए हुआ है। इससे पहले मैसूर में 2 से 6 मार्च 2016 को आयोजित राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कल्पना परमार ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 5000 मीटर व 1500 मीटर दौड़ में प्रदेश के लिए दो कांस्य पदक जीते थे।
गोवा में राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया और 1500 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया था। सोलन के ब्वॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन में इतिहास प्रवक्ता के पद पर कार्यरत कल्पना शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी
नाम कमा रही हैं। लंबी दूरी की दौड़ में हिमाचल प्रदेश का ही नहीं अपितु देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। कल्पना समय-समय पर सोलन के स्कूलों में भी बच्चों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हैं।