देवभूमि की इन बेटियों ने टीवी रिएलटी शो में मनवाया प्रतिभा का लोहा
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देवभूमि की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। ये साबित कर दिखाया है कविता पुंडीर और नेहा दीक्षित ने। टीवी रिएलटी शो में इन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हिमाचल के शिमला जिले के मशोबरा के क्यारकोटी गांव की नेहा दीक्षित जल्द ही स्टार प्लस के सिंगिंग रिएलटी शो ‘दिल है हिंदुस्तानी’ में अपनी आवाज का जादू बिखेरतीं नजर आएंगी। क्यारकोटी स्कूल में जमा एक कक्षा में पढ़ने वाली नेहा का शो के लिए चयन हो गया है।
तीन ऑडिशन पास करने के बाद अब नेहा मुंबई में प्रतिभा दिखाएंगी। हिमाचल से वे इकलौती महिला प्रतिभागी हैं, जो इस शो में नजर आएंगी। इसके अलावा नेहा सोनी टीवी के इंडियन आइडल शो के भी दो राउंड पास कर चुकी थी, लेकिन अब स्टार प्लस के लिए चयन होने के बाद उसे तीसरा राउंड छोड़ना पड़ा है। नेहा का कहना है कि स्कूल में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद उसकी गायकी में रुचि बढ़ गई।
इसके बाद शिमला समर फेस्टिवल में भी परफॉर्मेंस दी। किसान परिवार की बेटी नेहा तीन साल से गायकी की बारीकियां सीख रही हैं। पिता राकेश चंद खेतीबाड़ी करते हैं। उनका कहना है कि नेहा न्यू शिमला में प्रेम प्रकाश झाल्टा की संगीत अकादमी से गाना सीख रही हैं। उन्होंने कहा कि पैसों की कमी तो है, लेकिन वे बेटी का सपना पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। नेहा का कहना है कि तीन साल में वे काफी कुछ सीख गई हैं और अब वह इसी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाएंगी।
कविता पुंडीर ‘किसमें कितना है दम’ शो के फिनाले में पहुंची
हिमाचल के सिरमौर जिले में स्थित गुरु की नगरी पांवटा से एक के बाद एक प्रतिभाएं उभर कर सामने आ रही हैं। क्षेत्र की एक और प्रतिभा कविता पुंडीर ने टीवी शो ‘किसमें है कितना दम’ के फिनाले में प्रवेश किया है। टेलैंट शो के सेमीफाइनल में डांसिंग, एक्टिंग व मॉडलिंग में कविता ने खूब हुनर दिखाया है।
दिसंबर में फिनाले की डेट फाइनल होगी। टीवी शो के विजेताओं को फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में टेलेंट दिखाने का मौके मिलेगा। फिनाले में पहुंचने पर कविता के परिजन, रिश्तेदार और क्षेत्रवासी खुश हैं। तारुवाला शिवा कॉलोनी निवासी जगत सिंह और गीता देवी की पुत्री कविता पुंडीर (17) मल्टी टेलेंटेड है। परिवार मूल रूप से गिरिपार की ग्राम पंचायत सखोली के बिरखना निवासी है। कविता ने कक्षा 10वीं तक की शिक्षा दून वैली स्कूल पांवटा से प्राप्त की।
अब, कन्या रावमापा पांवटा में मेडिकल साइंस की विद्यार्थी हैं। अमर उजाला से बातचीत में कविता ने कहा कि टीवी शो में जाने की हसरत है। इसके लिए खूब कड़ी मेहनत भी की है। शो के फिनाले में चयन होने पर कविता उत्साहित हैं। शुरू से ही अभिनय, सिंगिंग व मॉडलिंग में रुचि रही है। वैले डांस, बॉलीवुड स्टाइल और कंटेंपरेरी स्टाइल खास ही पंसदीदा है। अब किसमें है कितना दम टीवी शो कार्यक्रम में मौका मिला है।
इससे पहले यमुना शरद महोत्सव, रोटरी क्लब कार्यक्रम और स्कूलों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी है। हमेशा पिता जगत सिंह पुंडीर और मां गीता देवी समेत पूरे परिवार ने पूरा सहयोग किया है। अब तक की सफलता का का श्रेय वे प्रतिभा जम्वाल, दिव्या जम्वाल, कन्या रावमापा प्रधानाचार्य राजेश सोलंकी, गुरु संगत समेत परिजनों को देती हैं।
खूब नाम रोशन कर रही बेटियां
कन्या रावमापा पांवटा के प्रधानाचार्य राजेश सोलंकी ने कहा कि बेटियां खूब नाम रोशन कर रही हैं। कन्या
स्कूल की 2 बेटियों कविता पुंडीर और निश्चय मस्ताना का का चयन टीवी शो के फिनाले में हुआ है। टेलैंट शो में सफलता के
लिए स्कूल स्टाफ की तरफ से शुभकामनाएं देते हैं।