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सेना में लेफ्टिनेंट बनीं कंचन, दादा और पिता से ली प्रेरणा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोगिंद्रनगर (मंडी)
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:34 PM IST
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हिमाचल के मंडी जिले के जोगिंद्रनग की ग्राम पंचायत भराडू के गडूही गांव की कंचन भंडारी ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद उनकी तैनाती सेना अस्पताल पालमपुर में हुई है। इनकी प्राथमिक शिक्षा भराड़ू पाठशाला से और उच्च शिक्षा धर्मशाला से हुई है।
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कंचन ने बताया कि दादा और पिता को सेना में देखते हुए वे भी सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहती हैं। इस सपने को उन्होंने साकार कर लिया। कंचन भंडारी की माता कृष्णा गृहिणी हैं और कंचन का छोटा भाई अतुल भंडारी भी बीएससी कर सीडीएस के माध्यम से सेना में जाने की तैयारी कर रहा है।
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ज्ञात हो कि यूपीएससी द्वारा आयोजित एनडीए परीक्षा में केवल पुरुष उम्मीद्वार ही भाग ले सकते हैं। इसमें चयनित कैडेट्स की ट्रेनिंग खडकवासला, पुणे में होती है। जबकि महिलाएं कंबाइंड डिफेंस सर्विस (सीडीएस) के द्वारा ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में अधिकारी बन सकती हैं। इसके लिए उम्र सीमा 19 से 25 साल है।
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वर्तमान में भारतीय सेना अग्रिम मोर्चों पर भी महिलाओं की तैनाती पर ध्यान दे रही है। वायुसेना में तीन महिला पायलट युद्धक विमान को उड़ा रही हैं। इतिहास रचने वाली जांबाज महिला पायलटों के नाम फ्लाइंग कैडेट्स भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह हैं। भावना कंठ बिहार के बेगूसराय की रहने वाली हैं जबकि अवनी चतुर्वेदी मध्य प्रदेश और मोहना सिंह राजस्थान से हैं।