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हिमाचल के इस बागवान को दिल्ली में मिला नवोन्मेषी किसान पुरस्कार

Tue, 20 Mar 2018 09:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Tue, 20 Mar 2018 09:18 AM IST
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hotam singh pal of kullu won national award for horticulture

हिमाचल के बागवान को दिल्ली में नवोन्मेषी किसान पुरस्कार से नवाजा गया है। बागवानी में नवीनतम तकनीक ईजाद करने वाले कुल्लू के भुंतर निवासी होतम सिंह पाल को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के नवोन्मेषी किसान पुरस्कार-2018 से सम्मानित किया गया है। 

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होतम सिंह पाल को यह पुरस्कार बागवानी में अनार, सेब, आलूबुखारा और नाशपाती जैसी फसलों में नवीन तकनीक का प्रयोग करने पर दिया गया। रविवार को दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पुरस्कार वितरण समारोह में होतम सिंह को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर नवाजा गया। 
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यह पुरस्कार केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रुपाला ने दिया। होतम सिंह को बजौरा में अनार को व्यावसायिक फसल के रूप में उगाने और इसके प्रचार-प्रसार के लिए जाना जाता है। 1969 में उन्होंने पहली बार अनार का एक पौध लगाया। 

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ये हैं होतम सिंह की उपलब्धियां 

hotam singh pal of kullu won national award for horticulture

1975 में इसमें फल आने के बाद से लगातार 15 साल तक कृषि फल प्रदर्शनी कुल्लू में प्रथम पुरस्कार लेते रहे। उन्होंने अनार की कलमों से पौधे तैयार कर क्षेत्र और बाहर लोगों को इसे मुफ्त में बांटकर अनार की खेती को बढ़ावा दिया।

प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (पीबीईओ) के पद से सेवानिवृत्त होतम सिंह ने अनार के साथ सेब, आलूबुखारा, नाशपाती फसलों को भी नए तरीके से उगाना लोगों को सिखाया।

उन्होंने 1974 में पहली बार क्षेत्र में जर्सी नस्ल की गाय पाली और 2018 तक पालते रहे। इन्हीं को देखकर उन्होंने लोगों को भी गाय पालने के लिए प्रेरित किया। वे चौधरी चरण सिंह किसान सहित कई पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। 

होतम सिंह ने 1969 में कुल्लू घाटी में वाणिज्यिक स्तर से अनार की खेती शुरू की। इसमें नई तकनीकों का इस्तेमाल किया। आसपास के गांव के किसानों को बागानों में जीनोटाइप रोपण सामग्री आपूर्ति और जानकारी मुहैया की।

कृषि विज्ञान केंद्र बजौरा की तकनीकी सहायता और नाबार्ड से वित्तषोषण कर साथी किसानों को कृषि प्रौद्योगिकी के बारे जागरूक करने को स्वयंसेवी वाहिनी की स्थापना की। 

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