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जली भली जायां कलोहे दिए बाईं... गीत से कुलदीप ने बनाई पहचान
Mon, 13 May 2019 12:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 13 May 2019 12:12 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शिक्षा विभाग में हिंदी विषय के प्रवक्ता कुलदीप राणा अपनी गायकी के दम पर ऑल इंडिया रेडियो धर्मशाला, एफएम हमीरपुर और दूरदर्शन शिमला की आवाज बन गए हैं। कुलदीप को बचपन से ही गायकी का शौक था। ऐसे में उन्होंने पढ़ाई के साथ गुनगुनाना भी शुरू कर दिया। कुलदीप न केवल गायकी से लोगों का मनोरंजन करते हैं, बल्कि प्रदेश की लोक संस्कृति को संजोने में भी अहम योगदान दे रहे हैं। उनके लोकगाथा पर आधारित जली भली जायां कलोहे दिए बाईं... गीत को खूब सराहा गया।
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कुलदीप राणा ने 2001 से रेडियो में गाना शुरू किया, जबकि 2009 में दूरदर्शन के लिए गीत गाए। साथ ही शिक्षा विभाग में हिंदी के प्रवक्ता के तौर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलियार में सेवाएं दे रहे हैं। जबकि रेडियो और एफएम में दिले लुट्टी ने लेई गया मेरे बांका जेहा छैल गबरू, भला साधू जोगिया, कालूआ मंजूरा, कजो नैण मिलाए दिला मेरेया और हुण होई जाणा भ्यागा मैं तैयार घरे जो.. गाने खूब सुनने को मिलते हैं। खुंडियां तहसील के नाहलियां में मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे कुलदीप लोकगायन के लिए समर्पित हैं।
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राष्ट्रीय स्तर पर कमाया है नाम : कुलदीप
साल 2009 से सरकारी स्कूलों में अंडर-19 और महाविद्यालय की सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं में बतौर निर्णायक भी भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा नेहरू युवा केंद्र, निफ्ड कांगड़ा, यूथ फेस्टिवल में भी निर्णायक के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं।
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स्कूल में होती है वाद्य यंत्रों के साथ प्रार्थना
कुलदीप राणा जिस भी स्कूल में सेवाएं देते हैं। वहां पर स्कूली बच्चों से वाद्य यंत्रों के साथ प्रार्थना करवाते हैं। प्रार्थना सभा में हारमोनियम, ढोलक सहित अन्य वाद्य यंत्र भी बजते हैं।