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हर किसी की जुबां पर चढ़ा अजय चौहान का ‘नाटी सिरमौरो वालिए’

Mon, 19 Aug 2019 02:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 19 Aug 2019 02:13 PM IST
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Himachali Folk Singer Ajay Chauhan Nati Sirmour Waliye Song on YouTube
अजय चौहान - फोटो : अमर उजाला

सिरमौर जिले के किसान का बेटा रात को गाता है और दिन को प्राइवेट नौकरी करता है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण अजय चौहान संगीत की शिक्षा तो नहीं ले सके, लेकिन अपने इस हुनर को उसने सही मुकाम दिया। प्राइवेट नौकरी से पैसे इकट्ठे कर पहाड़ी नाटियों के ऐसे ऑडियो और वीडियो मार्केट में उतारे, जिन्होंने कुछ ही समय में उन्हें नाटी स्टार बना दिया। अजय निजी क्षेत्र में नौकरी करते हैं।

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निजी क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों में ही गाते हैं। ‘नाटी सिरमौरो वालिए’ गीत को यू-ट्यूब पर दो करोड़ व्यूज मिलने के बाद भी सरकारी मेलों और उत्सवों में गाने के लिए अजय को नहीं बुलाया जाता है। इसका उन्हें मलाल है। ‘नाटी सिरमौरो वालिए’ से हिमाचल के नाटी स्टार बने अजय का जन्म कल्याण सिंह चौहान और नागरो देवी के घर पांवटा साहिब के शीला गांव में 1989 को हुआ।
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किसान परिवार में जन्में अजय जमा दो तक ही पढ़े। बाद में उन्होंने आईटीआई कर प्राइवेट फार्मा कंपनी में बतौर टेक्नीशियन सेवाएं शुरू कीं। अजय ने साल 2015 में ‘सेम टैम, सेम जगह’ गाना निकाला। गाने को यू-ट्यूब पर 60 से 70 हजार व्यूज मिले। इसके बाद कजरारे-कजरारे तैरे नैन, झूमका कानों रा, पारंपरिक मौन हारूल और सिरमौरी धमाका निकाला। हाल ही में अजय ने ‘गांवो रे छोकरे टशनी बड़े’ का आठ अगस्त को अपने यू-ट्यूब चैनल नाटी स्टार पर वीडियो लांच किया है, इसे तीन दिन में ही 11 हजार से अधिक व्यूज मिल गए हैं।
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अजय चौहान रोहडू, चौपाल, शिमला और उत्तराखंड चकरोल, कालसी, जुब्बल सहित अन्य स्थानों पर प्रस्तुतियां दे चुके हैं। अजय का कहना है कि हिमाचल में होने वाले सभी उत्सवों और मेलों में प्रस्तुति के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन अभी तक उन्हें किसी ने नहीं बुलाया। प्राइवेट कार्यक्रमों में लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

दोस्तों ने 2013 में जबरदस्ती चढ़ाया था स्टेज पर
अजय चौहान यूं तो बचपन से ही गाने का शौक रखते थे। स्कूल में भी सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे, लेकिन उन्होंने पहली बार म्यूजिक के साथ 2013 में गाना गया। गांव के स्कूल में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था। इसमें स्टार कलाकारों की प्रस्तुतियां थीं। दोस्तों ने जबरदस्ती स्टेज पर चढ़ा दिया। उन्होंने पहली बार म्यूजिक के साथ ‘सोचेंगे तुम्हें प्यार’ गाना गया।


दोस्त बोलते हैं कार्यक्रम में आप नहीं गाओगे?
अजय चौहान की हालत ऐसी है कि उन्हें बाहरी लोग प्यार और दुलार दे रहे हैं, लेकिन अपने लोगों ने उन्हें ठुकरा दिया है। ‘नाटी सिरमौरो वालिए’ गाना हिट होने के बाद उन्हें पंजाब विश्वविद्यालय से विशेष रूप से गाने के लिए बुलाया गया। वह पंजाब और हरियाणा में भी शो करते हैं, लेकिन सिरमौर में अब तक किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्हें कभी गाने के लिए नहीं बुलाया गया। उनके दोस्त उन्हें मेसेज करते हैं कि अजय भाई आप कार्यक्रम में नहीं गाओगे?

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