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अध्यापिका हो तो हेमलता जैसी, किया कुछ ऐसा मॉरिशस में मिला सम्मान
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Tue, 19 Sep 2017 09:24 AM IST
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हिमाचल के जिला मंडी की अध्यापिका हेमलता उपाध्याय ने प्रदेश का नाम दुनियाभर में रोशन किया है। हेमलता उपाध्याय को यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरिशस के वाईस चांसलर प्रोफेसर धनंजय झुर्री ने अंतरराष्ट्रीय नेल्सन मंडेला सद्भावना अवार्ड व सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस 2017 से सम्मानित किया। यह समारोह मॉरिशस में हाल ही में आयोजित किया गया।
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प्रदेश से हेमलता एकमात्र चुनी गई शिक्षिका थी, जिन्हें जनजातीय एवं दूर दराज के कठिन क्षेत्र में लड़कियों को स्कूल में दाखिला लेने व शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित कर स्वाबलंबी बनाने पर यह सम्मान दिया गया।
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समारोह में मॉरिशस यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर प्रोफेसर धनंजय झुर्री के अतिरिक्त भारत के पूर्व राजदूत डॉ. वीबी सोनी, सचिव हाई कमीशन ऑफ इंडिया (मॉरिशस) आकाश गुप्ता व सचिव होली मेरी ग्रुप हैदराबाद अरिमिंदा विजिया शारदा रेड्डी भी उपस्थित थे।
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पुरस्कार वितरण समारोह में हेमलता के सम्मान में विशेष तौर पर एक वीडियो चलाया गया। इसमें उनके फोटो पर आप हमारे हीरो हैं लिखा था। हॉल में मौजूद सैकड़ों लोगों ने हेमलता के सम्मान का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अभिनंदन किया।
हेमलता ने कहा की शिक्षा विभाग में उनकी पहली नियुक्ति करसोग उपमंडल के बगशाड क्षेत्र में 1984 में हई थी। तब सड़क संपर्क मार्ग भी नहीं था। वहां न केवल लड़कियां बल्कि लड़के भी स्कूल जाने से परहेज करते थे। प्रेरित किए जाने पर बहुत से लड़के लड़कियों ने स्कूल में दाखिला लिया।