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टांगें बेजान, फिर भी हौसले के दम पर बना डाला अनोखा रिकॉर्ड

Tue, 28 Jun 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 28 Jun 2016 12:00 AM IST
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Handicap Shashi Sharma made record in Paragliding.
शशि शर्मा की टांगें बेजान हैं, फिर भी उन्होंने पांच हजार फुट ऊंचाई से पैराग्लाइडिंग कर रिकॉर्ड बनाया है। - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के शिमला के जुब्बल तहसील की कुड्डू पंचायत निवासी शशि शर्मा की टांगें बेजान हैं, फिर भी उन्होंने पांच हजार फुट ऊंचाई से पैराग्लाइडिंग कर रिकॉर्ड बनाया है। इसके वीडियो यू-ट्यूब पर भी डाले हैं।

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सड़क पर बुलेट दौड़ाकर शशि शर्मा सबको हैरत में डाल देते हैं। दो साल की उम्र में उन्होंने पोलियो से दोनों टांगों की ऊर्जा गंवा दी थी। बुलेट पर पूरे भारत की सैर कर विश्व रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। शशि तमाम विकलांगों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
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शशि शर्मा ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि हैंडीकैप्ड होते हुए भी 5000 फुट की ऊंचाई से कुल्लू में पैराग्लाइडिंग का रिकॉर्ड बनाया है। इसके वीडियो यू-ट्यूब पर उपलब्ध हैं। सरकारी संस्था ये करवाने को तैयार नहीं हो सकती, इसलिए उन्होंने इसे निजी संस्था के सहयोग से किया।

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अब ये है शशि का सपना

Handicap Shashi Sharma made record in Paragliding.

पैराग्लाइडिंग में यह रिकॉर्ड वह अपने जैसे तमाम लोगों को समर्पित करना चाहते हैं, जो अपने जीवन को बहुत मुश्किल मानते हैं। बताया कि उनका सपना अपनी मॉडिफाइड बुलेट बाइक पर पूरे भारत का टूअर करना है। यह हैंडीकैप्ड अटैचमेंट किट के साथ बनाई गई है।

बताया कि अगर वे इस यात्रा को पूरा कर पाते हैं तो दुनिया में एक अलग रिकॉर्ड बन जाएगा। ऐसा करने के बाद एक स्वयंसेवी संस्था बनाना चाहते हैं। बताया कि उनके जैसे लोगों के जीवन में बहुत कठिनाइयां हैं। उनकी कोई भी प्रणाली, एनजीओ या सरकार सहायता नहीं करती है।

बताया कि उन्होंने सबसे मदद मांगी, मगर उन्हें किसी ने नहीं दी। शिमला में भी सभी सड़कों को प्रतिबंधित किया गया है। इस श्रेणी के लोग कहीं जाना चाहते हैं तो सम्मान से नहीं जा पाते। ऐसे में क्या उन्हें सामान्य जीवन जीने का हक ही नहीं है क्या?

Published By Ashok Chauhan

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