हिमाचल की इन बहादुर बेटियों ने छुआ आसमां, सेना में बनीं लेफ्टिनेंट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहिनी गुशपा भारतीय सेना में लाहौल स्पीति की पहली महिला लेफ्टिनेंट बन गई हैं। सेना नर्सिंग सेवा की परीक्षा पास कर उन्होंने यह कामयाबी हासिल की है। रोहिनी आठ फरवरी को जोधपुर के मेडिकल अस्पताल में ज्वाइनिंग देंगी। लाहौल के गौशाल गांव की रोहिनी ने अपनी मिडल तक की पढ़ाई पैतृक गांव से करने के बाद जमा दो कुल्लू के राजकीय वरिष्ठ मध्यामिक स्कूल कटराईं से पास की।
उन्होंने सिरमौर स्थित अकाल कॉलेज ऑफ नर्सिंग बड़ू से बीएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल की। सेना में जाने से पहले वह दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान में कार्यरत थीं। रोहिनी के पिता हरिराम कुल्लू उपायुक्त कार्यालय में बतौर अधीक्षक तैनात हैं, जबकि माता आशा देवी गृहिणी हैं। रोहिनी की पारिवारिक पृष्टभूमि सेना से जुड़ी है।
रोहिनी का एक चचेरा भाई भाई सेना से बतौर कैप्टन सेवानिवृत्त हैं, जबकि दो भाई भी सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। रोहिनी ने बताया कि वह शुरू से ही सेना में जाने की इच्छुक थीं। पिता हरिराम ने बताया कि बेटी की इस कामयाबी ने पूरे परिवार का सिर फक्र
से ऊंचा कर दिया है। उन्हें अपनी बेटी पर नाज है। कहा कि बेटी की कामयाबी ने उनका सपना पूरा कर दिया है। इधर,विधायक रवि ठाकुर और उपायुक्त विवेक भाटिया ने रोहिनी को इस कामयाबी पर बधाई दी है।
डेढल गांव की मोनिका ने चमकाया नाम
धर्मपुर उपमंडल के सिधपुर पंचायत के डेढल गांव की मोनिका सेना में लेफ्टिनेंट बन गईं हैं। मोनिका का जन्म डेढल गांव में लता देवी व हंसराज पराशर के घर 24 सितंबर 1991 को हुआ। मोनिका ने मैट्रिक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सिधपुर से ही की। इसके बाद जमा दो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बणी हमीरपुर तथा नर्सिंग की पढ़ाई आईजीएमसी शिमला से पूरी की।
मोनिका के पिता कानूनगो और माता गृहिणी हैं। मोनिका इससे पहले स्टाफ नर्स के पद पर भी चुनी गई थीं और उनकी पोस्टिंग नेरचौक मंडी में हुई थीं। उन्होंने बताया कि उनका टेस्ट सितंबर 2016 में लखनऊ में हुआ था, जिसमें उनका चयन हुआ है। मोनिका ने कहा कि वह आठ फरवरी को झारखंड के रांची में सेना में ज्वाइनिंग देंगी।
उन्होंने बताया कि उनके सपने को पूरा करने के लिए उनकी माता लता देवी व पिता हंसराज, भाई रजत कुमार व बहन शैलजा का भी विशेष योगदान रहा है। उनकी इस उपलब्धि पर धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह, भाजयुमो प्रदेश महामंत्री रजत ठाकुर, नरेंद्र पराशर, मामा राजेश कुमार व मासी सारिका, दिनेश कुमार ठाकुर पौध संरक्षण अधिकारी दिल्ली, समौंड़ पंचायत के प्रधान प्रताप सकलानी ने इस उपलब्धि के लिए मोनिका को बधाई दी।
कंचन बाला फिरोजपुर में देंगी सेवाएं
तहसील बल्ह के मुंदड़ू गांव की कंचन बाला ने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन की परीक्षा पास कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उसका भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हुआ। कंचन बाला 8 फरवरी 2017 से अपनी सेवाएं देंगी। कंचन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने पैतृक गांव मुंदड़ू में ही पूरी की है।
उसने सीनियर सेकेंडरी स्कूल मुंदड़ू से मैट्रिक कर जमा दो की पढ़ाई अभिलाषी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नेरचौक से की। उसके पश्चात उसने शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग शिमला से बीएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल की। कंचन ने बताया कि भारतीय सेना में चयन होने से पूर्व उसने कांगड़ा के योल में स्थित गुरु द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग में एक वर्ष नौकरी भी की है। कंचन के पिता दलीप सिंह गांव में एक दुकान चलाते हैं तथा माता अनीता गृहिणी हैं।
पिता के नक्शेकदम पर बिटिया निशा
बल्ह क्षेत्र की नगर पंचायत रिवालसर के वार्ड नंबर 2 की निशा कुमारी ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर इलाके का नाम रोशन किया है। उन्होंने सेना की राष्ट्रीय परीक्षा सितंबर में लखनऊ में दी थी। उन्होंने इस परीक्षा में देशभर में पांचवां स्थान हासिल किया। वह आठ फरवरी से हिसार में अपनी सेवाएं देंगी।
निशा के पिता जसवंत सिंह भी सेना में लेफ्टिनेंट हैं और माता सुमित्रा ठाकुर सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग में पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत हैं। निशा ने जमा दो तक की पढ़ाई यूनिटी पब्लिक स्कूल रिवालसर से की और बीएससी नर्सिंग की डिग्री स्वामी देवी दयाल कॉलेज हरियाणा से पास की है। उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत शिवालिक नर्सिंग कॉलेज शिमला में बतौर अध्यापिका से की। निशा कुमारी के चयन से माता पिता तथा भाई सब बहुत खुश हैं।
अंजना बनीं एयरफोर्स में लेफ्टिनेंट
पालमपुर के अरला गांव की बेटी अंजना कटोच सेना में लेफ्टिनेंट बन गईं हैं। अंजना आठ फरवरी को वेस्ट बंगाल के कैल्कुलम में एयरफोर्स के हास्पिटल में बतौर लेफ्टिनेंट ज्वाइनिंग देंगी। बेटी की इस उपलब्धि पर माता जगदंभा देवी को गर्व है। अंजना के पिता
रंजीत सिंह का 2009 में देहांत हो गया था। वह बीएसएफ में हेड कांस्टेबल थे। अंजना की बड़ी बहन वंदना कटोच बीएसएफ में हेड कांस्टेबल हैं। अंजना की प्रारंभिक शिक्षा एबीएम स्कूल मारंडा में हुई, जबकि नर्सिंग की डिग्री नेताजी सुभाष चंद्र नर्सिंग कॉलेज पालमपुर से हासिल की।