डॉ. वीसी ठाकुर को पद्मश्री, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया सम्मानित
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वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के पूर्व निदेशक और धर्मशाला निवासी डॉ. विक्रम चंद्र ठाकुर को सोमवार पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया। दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें यह सम्मान दिया है। डा. ठाकुर को प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने पर कांगड़ा सहित पूरे हिमाचल में खुशी की लहर है।
डॉ. विक्रम के धर्मशाला में रह रहे रिश्तेदारों के घरों में खुशी का माहौल है। सभी एक-दूसरे को मिठाई बांटकर खुशी व्यक्त कर रहे हैं। डॉ. विक्रम चंद्र ठाकुर को यह अवॉर्ड विज्ञान के क्षेत्र में उम्दा काम के लिए दिया गया है। डॉ. ठाकुर वर्तमान में देहरादून में रहते हैं।
धर्मशाला में रह रहे उनके भांजे डॉ. राजेंद्र सिंह गुरंग ने बताया कि यह उनके लिए हर्ष की बात है। उन्होंने बताया कि कैप्टन शमशेर बहादुर और गोदावरी देवी के घर जन्मे डॉ. विक्रम चंद्र ठाकुर ने हायर सेकेंडरी स्कूल की पढ़ाई धर्मशाला में की। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से 1962 में जियोलॉजी में एमएससी की डिग्री हासिल कर 1962 से 65 तक बतौर प्राध्यापक सेवाएं दीं।
यहां जानिए डॉ. विक्रम चंद्र ठाकुर के बारें में
वर्ष 1971 में उन्होंने नंदन से पीएचडी की डिग्री हासिल की। साल 1971 से 1986 तक वरिष्ठ वैज्ञानिक, जबकि करीब 13 सालों तक वाडिया इंस्टीट्यूट में बतौर निदेशक अपनी सेवाएं दीं। डॉ. विक्रम चंद्र ठाकुर के भांजे डॉ राजेंद्र गुरंग डिग्री कॉलेज धर्मशाला से बतौर संगीत प्राध्यापक सेवानिवृत्त हुए हैं।
डॉ. विक्रम चंद्र ठाकुर के 150 से अधिक शोध प्रकाशित हुए हैं, जबकि नेशनल मिनरल अवॉर्ड, मैंबर ऑफ इंडियन काउंसिल ऑफ साइंस एडं अमेरिकन ज्योग्राफिकल यूनियन, सीएसआईआर में एमिरेट्स साइंटिस्ट, 1988 में यूएसए के वाशिंगटन में हुई इंटरनेशनल जियोलॉजिकल कांग्रेस हिमालयन टेक्टोनिक्स में कन्वीनर, 2000 में ब्राजील में हुई हिमालय एडं एल्पस टेक्टोनिक्स के क्नवीनर सहित करीब एक दर्जन से अधिक देशों में विजिटिंग साइंटिस्ट के रूप में सेवाएं दी हैं।