{"_id":"5d97124b8ebc3e93b24e40b6","slug":"diksha-selected-scientist-engineer-in-isro","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीक्षा ने इसरो में चयन के लिए रोजाना 12 घंटे तक की पढ़ाई, बनीं साइंटिस्ट इंजीनियर","category":{"title":"Bashindey","title_hn":"बाशिंदे ","slug":"bashindey"}}
दीक्षा ने इसरो में चयन के लिए रोजाना 12 घंटे तक की पढ़ाई, बनीं साइंटिस्ट इंजीनियर
Fri, 04 Oct 2019 03:06 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अजय कालिया, अमर उजाला, चिंतपूर्णी (ऊना)
अजय कालिया, अमर उजाला, चिंतपूर्णी (ऊना)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 04 Oct 2019 03:06 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र के ज्वाल गांव की दीक्षा का चयन इसरो के लिए हुआ है। वह इसरो में बतौर साइंटिस्ट इंजीनियर की पोस्ट पर काम करेंगी। उनकी माता वीना और पिता अनूप कुमार बेटी की उपलब्धि से बेहद खुश हैं। दीक्षा ने एनआईटी जालंधर से बीटेक इलेक्ट्रिकल की थी। जज्बा कुछ खास कर दिखाने का था तो पढ़ाई के बाद एक साल नौकरी नहीं की और इसरो की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में डटी रहीं।
विज्ञापन
प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक दीक्षा पढ़ाई करती थीं। दीक्षा ने बताया कि बीटेक के बाद उन्होंने कुछ समय तक टेस्ट की तैयारी की और कामयाबी हासिल की। उन्होंने बताया कि एक साल तक नौकरी भी नहीं की, क्योंकि वह अपना ध्यान पूरी तरह लक्ष्य की ओर केंद्रित कर रही थीं। दीक्षा ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता, भाई और अध्यापकों को दिया है। दीक्षा के पिता जालंधर में ही किताबों के प्रकाशन का काम करते हैं व माता गृहिणी हैं। दीक्षा के इसरो में साइंटिस्ट इंजीनियर के पद पर चयन हो जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
खासकर युवाओं में चंद्रयान-2 मिशन के बाद इसरो के लिए अलग ही छवि है। स्थानीय विधायक बलबीर चौधरी ने इसरो में दीक्षा के चयन पर बधाई दी है। इसके अलावा स्थानीय निवासी यशपाल पाली, जीवन कालिया, जोगिंद्र, रोशन लाल, नायब तहसीलदार भरवाईं हरि सिंह, राज कुमार दीपांश कालिया सहित बड़ी संख्या में लोगों ने दीक्षा को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
विज्ञापन