किसान के बेटे ने हासिल किया मुकाम, बना फ्लाइंग अफसर
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तहसील जुब्बल की अंटी पंचायत के धर्माणा गांव के युवक दिग्विजय सिंह भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बन गए हैं। युवक की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र के लोग, रिश्तेदारों और परिजनों में खुशी का माहौल है। 23 साल के युवक दिग्विजय ने 17 दिसंबर को हैदराबाद में पासआउट परेड में इस उपलब्धि को हासिल किया है।
दिग्विजय की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी स्कूल सरस्वती नगर सावडा से हुई। उसके बाद चंडीगढ़ में स्नातक की डिग्री हासिल की। स्नातक पास करने के बाद कमीशन पास करके दिग्विजय ने भारतीय वायु सेना में पायलट का प्रशिक्षण शुरू किया। 17 दिसंबर को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद हैदराबाद के के भारतीय वायु सेना प्रशिक्षण संस्थान से पासआउट परेड में उन्हें भारतीय वायु सेना में फलाइंग आफिसर बनाया गया है।
पिता शमशेर सिंह नानटा बागवान और माता सुषमा गृहिणी हैं। दिग्विजय सिंह ने बताया कि यहां तक पहुंचाने में माता पिता के साथ शेखल गांव निवासी उनके मामा विजय सिंह ठाकुर का खास योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार और रिश्तेदारों के संस्कार व सहयोग से जीवन में कोई कार्य कठिन नहीं होता।
गौड़ा के शुभम भारतीय सेना में बना लेफ्टिनेंट
हमीरपुर जिले के गौड़ा का रहने वाला शुभम गौतम भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गया है। शुभम गौतम भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से 10 दिसंबर को पासआउट हुए। अब शुभम गौतम गोरखा राइफल में बतौर अधिकारी सियाचिन में अपनी सेवाएं देंगे। शुभम की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी स्कूल सलासी हमीरपुर में हुई।
छठी से जमा दो कक्षा की परीक्षा सैनिक स्कूल हमीरपुर से पास की। इसके बाद एनडीए की परीक्षा पास कर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडगवासला में प्रवेश पाया। वर्ष 2015 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से पास होकर 2015 में शुभम ने भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में प्रवेश पाया। हाल ही में 10 दिसंबर को शुभम गौतम सैन्य अकादमी से बतौर लेफ्टिनेंट पासआउट हुए हैं।
अब शुभम गौतम सियाचिन में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं देंगे। शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों और अभिभावकों को दिया है। शुभम के पिता उच्च पाठशाला बाड़ी फरनोल में मुख्य अध्यापक हैं, जबकि माता वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अमरोह में अर्थशास्त्र की प्रवक्ता हैं। शुभम के दादा कांगड़ा राम गौतम, दादी वृजेश्वरी देवी, नाना मदन लाल और नानी सरला शर्मा ने इसकी उपलब्धि को सबसे बड़ा पल बताया है।