इंडोनेशिया में हुनर दिखाएंगे हिमाचल के अवतार और रजनीश
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हैंडबाल खेल में महारत हासिल कर संतोषगढ़ के दो युवाओं ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर दस्तक दी है। अवतार और रजनीश 18 अगस्त से 2 सितंबर तक इंडोनेशिया के जकार्ता में होने वाली एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हैंडबॉल टीम में दमखम दिखाएंगे।
वर्तमान में दोनों भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों के चयन से क्षेत्र में खुशी का महौल है। गांव छत्रपुर के अवतार सिंह पुत्र हरभजन सिंह ने संतोषगढ़ के बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौवीं कक्षा से अपने खेल गुरु एवं कोच एमएम गर्ग से हैंडबाल खेल की बारीकियां सीखने का काम शुरू किया।
सबसे पहले वर्ष 2006 में दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर स्कूलों की हैंडबाल प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया। 2007 में भिलाई (उड़ीसा) में फेडरेशन कप के मैचों में प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान कायम की। वर्ष 2010 में भारतीय सेना में भर्ती होने के बाद भी हैंडबाल की कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
वहीं संतोषगढ़ में ही गुरवचन सिंह के घर जन्मे रजनीश कुमार ने वर्ष 2004 में बाल स्कूल में शिक्षा हासिल करते हुए हैंडबाल खेलना शुरू किया। हैंडबाल में अच्छे प्रदर्शन के दम पर रजनीश का चयन 2005 में आर्मी की डोगरा स्पोर्ट्स कंपनी में हो गया।
कई पदक हासिल कर वर्ष 2010 में सेना में नौकरी हासिल की। रजनीश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए अपना नाम भारतीय टीम में शामिल करवाने में सफलता हासिल की।
रंग लाई शिक्षक एमएम गर्ग की मेहनत
इधर, प्रदेश हैंडबाल संघ के अध्यक्ष भरत साहनी, महासचिव नंद किशोर शर्मा, कोषाध्यक्ष मुनीश राणा, डॉ. परवेश मोंटी, एडीपीओ अनिल शर्मा, भारतीय टीम के कोच अरुण सैणी, प्रवीण बिट्टा, एमएम गर्ग ने भी अवतार एवं रजनीश को बधाई दी है।
सेवानिवृत्त खेल शिक्षक एवं गुरु जी के नाम से प्रसिद्ध एमएम गर्ग की मेहनत आखिरकार रंग लाई है। गर्ग का हैंडबाल खेल से लग्न एवं लगाव ही खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने में सहायक सिद्ध हुआ है।
अपने शिष्यों की इस सफलता पर गुरु भी गदगद हैं। कोच एवं खेल शिक्षक रहे मनमोहन गर्ग ने अवतार व रजनीश को उनकी इस सफलता पर दोनों को बधाई दी है।