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शिमला के दयानंद स्कूल की अर्पिता भी बनीं ऐतिहासिक क्षण की गवाह

Sat, 07 Sep 2019 07:11 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 07 Sep 2019 07:11 PM IST
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Arpita of Dayanand School in Shimla also witness historical moment of Chandrayaan2 landing
- फोटो : अमर उजाला

राजधानी शिमला के दयानंद पब्लिक स्कूल की आठवीं की छात्रा अर्पिता भी चंद्रयान-दो की लैंडिंग के ऐतिहासिक क्षणों की गवाह बनीं। अंतिम क्षणों में संपर्क टूट जाने पर वह मायूस जरूर हुईं, मगर इसरो में देश के नामी वैज्ञानिकों और प्रधानमंत्री के बीच खुद को पाकर फूले नहीं समाई। 

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अर्पिता माता मंजू सूद के साथ इसरो मुख्यालय गई थी। अर्पिता ने बताया कि वहां प्रधानमंत्री और इसरो के चेयरमैन के सिवन ने जैसे ही उसके साथ हाथ मिलाया तो वह खुद को सौभाग्यशाली मान रही थी।
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अर्पिता ने 15 अगस्त को आनलाइन टेस्ट पास किया और 26 को उसे इसरो आने का न्योता मिला था, तब से उसे इस क्षण का बेसब्री से इंतजार था। अर्पिता और उनकी माता ने अनुभवों को साझा करते कहा कि उन्हें यह सुनहरा मौका मिला।
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हमारे वैज्ञानिकों ने जिस तरह से इस चंद्रयान की सफल लैंडिंग करवाने को दिन रात मेहनत की थी, उससे उन्हें 95 फीसदी तक सफलता मिली है। अर्पिता ने कहा कि उसकी एस्ट्रोनॉट बनने की इच्छा इसरो जाकर और प्रबल हुई है। 


दयानंद स्कूल की प्रिंसिपल अनुपम ने अपने स्कूल की छात्रा के इसरो में इस ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनने का मौका मिलने को स्कूल ही नहीं, पूरे हिमाचल के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। अर्पिता को जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दीं। 

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