डॉ. कलाम के पद चिन्हों पर चलकर ISRO में वैज्ञानिक बना हिमाचल का बेटा
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हिमाचल के बेटे ने इसरो में प्रतिभा के झंडे गाड़े हैं। जी हां, कपड़ा व्यापारी का बेटा इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) में बतौर साइंटिस्ट अपनी सेवाएं देगा। अंशु कौशल इंजीनियरिंग करने के बाद इसरो में चयनित हुआ है। ऊना निवासी अंशु कौशल का चयन इसरों में होने से प्रदेश का नाम चमका है। 11 जुलाई को अंशु कौशल श्री हरिकोटा स्पेस सेंटर के लिए चंडीगढ़ से रवाना होगा।
ऊना शहर के वार्ड नंबर दो गुरुसर मोहल्ला निवासी अश्वनी कुमार के घर जन्मे अंशु कौशल ने माउंट कार्मल स्कूल रक्कड़ कालोनी में दसवीं कक्षा तक पढ़ाई पूरी की। इसके बाद श्रीश्री रविशंकर स्कूल ऊना में जमा दो की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद आईआईटी रोपड़ में मेकेनिकल इंजीनियर की डिग्री हासिल की। आईआईटी रोपड़ में इसरो सेलेक्शन कमेटी ने मेकेनिकल की डिग्री कर रहे विद्यार्थियों का साक्षात्कार लिया।
डा. कलाम की तरह बनना चाहते हैं अंशु
इसके माध्यम से कमेटी ने देशभर से कुल 26 विद्यार्थियों का चयन किया, जिसमें ऊना से अंशु कौशल का नाम भी शामिल था। डिग्री पूरी कर लेने के बाद अब अंशु कौशल आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा सतीश धवन स्पेस सेंटर में 12 जुलाई को रिपोर्ट करेंगे।
अंशु का इसरो में चयन होने पर परिवार में खुशी का माहौल है। अंशु कौशल ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और बडे़ पिता को दिया है। अंशु कौशल ने कहा कि मेरी इस उपलब्धि के लिए परिजनों ने मेरा पूरा साथ दिया।
इसरो में बतौर साइंटिस्ट चयनित अंशु कौशल ने कहा कि उनका सपना भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक रहे डा. एपीजी अब्दुल कलाम की तरह बनना है। उन्हीं के आदर्शों पर चलते हुए सफलता पाई है। आगे भी उन्हीं तरह बन भारत का नेतृत्व करना चाहता हूं।