ईरानी दांव लगाकर हिमाचल के बेटे ने मलयेशिया में जीता सोना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमन चौधरी ने मलयेशिया के कुआलालुंपर में अंडर-20 कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। अमन राजा का तालाब के साथ लगते गारन गांव के स्थाई निवासी हैं। अमन ने ईरानी दांव लगाकर 66 किलो भार में जीत हासिल की।
अमन ने बचपन में मौसेरे भाई पंकज कुमार को कुश्ती खेलते हुए देखा और ऐसे में उसका रुझान भी कुश्ती की तरफ हो गया। स्कूल स्तर पर सर्वप्रथम 60 किलोभार में जोन स्तर पर गोल्ड मेडल प्राप्त करके अमन ने जिला स्तर पर भी स्वर्ण पदक हासिल किया।
यहां उस पर भारतीय खेल विकास बोर्ड की नजर पड़ने के उपरांत कोच की देखरेख में प्रशिक्षण लेकर उसे हरियाणा के हिसार में जनवरी 2018 में राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिला। प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।
भारत के लिए कुश्ती में ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है लक्ष्य
इसके बाद मलेशिया में नौ से 11 जून अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला। प्रतियोगिता के 66 किलोभार के फाइनल मैच में मलयेशिया के पहलवान को ईरानी दांव लगाकर उसे चित करके देश के लिए स्वर्ण पदक जीता।
अमन चौधरी के पिता रविंद्र कुमार जालंधर में बीबीएमबी में बेलदार कार्यरत हैं, जबकि माता तृप्ता देवी गृहिणी और छोटा भाई जमा दो की परीक्षा पास कर चुका है। अमन चौधरी का लक्ष्य सेना में भर्ती होकर देश सेवा करके भारत के लिए कुश्ती में ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।