सेना में लेफ्टिनेंट बन इन बेटियों ने हासिल किया मुकाम
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हिमाचल के शिमला जिले की उप तहसील कोटगढ़ की भुट्टी पंचायत के बाहली गांव की आंचल भलैक सेना में लेफ्टिनेंट बनी हैं। ऑल इंडिया एग्जाम में आंचल ने तीसरा स्थान पाया है। वह कोटगढ़ क्षेत्र की पहली महिला लेफ्टिनेंट बनेंगी। आंचल के पिता सत्यपाल भलैक ने बताया कि उनकी बेटी ने ऑल इंडिया में तीसरा स्थान हासिल किया है।
आंचल की प्रारंभिक शिक्षा मिशन स्कूल कोटगढ़ में हुई। मोहाली चंडीगढ़ में जमा दो कक्षा में प्रथम रहीं। डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ से बीए की। वर्तमान में आंचल पंजाब विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में पीएचडी कर रही हैं। बताया कि आंचल अगले माह चेन्नई में ज्वाइनिंग देंगी।
आंचल के पिता स्टेट बैंक कुसुम्पटी शिमला में अधिकारी हैं। माता अनीता भलैक गृहिणी हैं। आंचल के भाई आतिश भलैक प्रदेश की रणजी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब एजी शिमला में सेवाएं दे रहे हैं। आंचल ने अपने माता-पिता और अपने परिवार को अपनी सफलता का श्रेय दिया है।
किसान की बेटी ने बढ़ाया सूबे का मान
हिमाचल के कुल्लू जिले के निरमंड के एक किसान की बेटी राजकुमारी शुक्ला ने भारतीय सेना में भर्ती होकर एक मिसाल कायम की है। वह आठ फरवरी को हैदराबाद के गोलकंडा में सेना के मेडिकल कोर में बतौर लेफ्टिनेंट सेवाएं शुरू करेंगी। सेना में चयन होने के बाद निरमंड क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
निरमंड खंड के पुजारली गांव की राजकुमारी शुक्ला के पिता वेद प्रकाश शुक्ला पेशे से किसान हैं और माता संध्या शुक्ला गृहिणी हैं। राजकुमारी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा निरमंड से हासिल की। बिलासपुर से बीएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल की।
आठ फरवरी को राजुकमारी हैदराबाद के गोलकंडा में भारतीय सेना के मेडिकल कोर में बतौर लेफ्टिनेंट ज्वॉइनिंग देंगी। राजकुमारी ने बताया कि भारतीय सेना में भर्ती होना उनका सपना था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुओं को दिया है।
बीनेवाल की मनप्रीत बनीं लेफ्टिनेंट
हिमाचल के ऊना जिले के बीनेवाल की बेटी मनप्रीत कौर संधू ने सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है। मनप्रीत ने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की कमीशन परीक्षा उत्तीर्ण कर गांव सहित जिला का नाम रोशन किया है। मनप्रीत जिला की पहली बेटी हैं, जो सेना के नर्सिंग विंग में सेवाएं देंगी।
उनके पिता बलविंद्र सिंह संधू पीएसीएल नंगल में नौकरी करते हैं। बचपन से मनप्रीत सेना में जाना चाहती थी। मनप्रीत की पढ़ाई शिवालिक मॉडल स्कूल नया नंगल में हुई है। बीएससी नर्सिंग की डिग्री नवांशहर से की। एमएससी नर्सिंग की डिग्री बाबा फरीद विवि फरीदकोट से हासिल की।
उन्होंने पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में भी सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन सेना में जाने के जज्बे के चलते नर्सिंग कमीशन का टेस्ट दिया। इसमें सफलता हासिल हुई। अब मनप्रीत 8 फरवरी को झारखंड के सेना मुख्यालय में रिपोर्ट करेंगी। मनप्रीत ने अपनी सफलता का श्रेय नाना विक्रम सिंह, माता-पिता सहित विवि के शिक्षकों को दिया है।
मंडी जिले की दो बेटियां सेना में बनीं लेफ्टिनेंट
हिमाचल के मंडी जिले के सुंदरनगर की दो बेटियों ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर माता-पिता का नाम रोशन किया है। ग्राम पंचायत कनैड के राकड़ गांव की पूनम कुमारी ने जमा दो तक की पढ़ाई कनैड स्कूल से की है। इसके बाद पूनम ने बीएससी
नर्सिंग आईजीएमसी शिमला से की और फिर करीब डेढ़ वर्ष तक अंबाला के एक निजी अस्पताल में सेवाएं दी। वर्तमान में पूनम टांडा मेडिकल कालेज में अपनी सेवाएं दे रही है। पूनम 14 फरवरी से पहले बेस हॉस्पिटल कलकत्ता में ज्वाइनिंग देंगी। उनके पिता खादी का कार्य करते हैं तथा माता गृहणी होने के साथ-साथ वार्ड पंच भी है।
ससुराल वालों ने दिया पूरा साथ
खिलड़ा पंचायत के धारंडा गांव की मीनाक्षी के पिता परसराम आईपीएच विभाग में कार्यरत हैं। मीनाक्षी की प्रारंभिक शिक्षा गर्ल स्कूल सुंदरनगर तथा जमा दो की पढ़ाई महावीर पब्लिक स्कूल से हुई है। मई 2015 में मीनाक्षी का विवाह दीपक कुमार पुत्र हरीराम निवासी धारंडा के साथ हुआ।
ससुराल वालों का मीनाक्षी को पढ़ाई में भरपूर समर्थन मिला जिसके आधार पर उसका चयन लेफ्टिनेंट के लिए हुआ है। मीनाक्षी ने करीब एक वर्ष साई नर्सिंग संस्थान डडोह(कनैड) में अध्यापन कार्य किया। इसके उपरांत उनकी नियुक्ति आईजीएमसी शिमला
में बतौर स्टाफ नर्स हुई। माता-पिता व सास-ससुर के मार्गदर्शन में मीनाक्षी ने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में शॉर्ट सर्विस कमिशन 2017 उतीर्ण कर इस मुकाम को हासिल किया है। मीनाक्षी लेफ्टिनेंट पद पर बेस हॉस्पिटल लखनऊ में 8 फरवरी से सेवाएं देने जा रही है।
चंबा की बेटी सेना में बनी लेफ्टिनेंट
भारतीय सेना में चंबा की बेटी ने स्थान पाया है। चंबा जिले के सुंडला के तलोड़ी गांव की शैलजा राठौर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनी है। उनके चयन के बाद समूचे इलाके में उत्साह का माहौल है। शैलजा ने दस जमा दो तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंडला से की है। हाल ही में उसने शिमला से बीएससी नर्सिंग की डिग्री पूरी की है।
शैलजा की माता रेणु व पिता सुरेंद्र राठौर ने बताया कि शैलजा बचपन से ही सेना में जाना चाहती थी। देश सेवा का जज्बा उसमें भरा हुआ था। शैलजा आठ फरवरी को महाराष्ट्र के पुणे में भारतीय सेना में अपनी ज्वाइनिंग देंगी। शैलजा ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को दिया है। शैलजा के पिता सुरेंद्र राठौर ने बताया कि उनकी बेटी ने चंबा का नाम पूरे देश और प्रदेश में रोशन किया है।