पिता के साथ 13 साल की बेटी ने खरदुंगला चोटी पर फहराया तिरंगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाहौल की 13 वर्षीय बेटी कल्पना ठाकुर ने स्वतंत्रता दिवस पर 18,870 फीट ऊंची खरदुंगला चोटी पर तिरंगा लहराकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। दो दिन पैदल चढ़ाई कर कल्पना ने अपने पर्यावरणविद पिता किशन लाल के साथ लेह-लद्दाख की खरदुंगला चोटी फतह की।
रास्ते में कल्पना ने पर्यावरण बचाने और देशप्रेम का संदेश दिया। जगह-जगह सैन्य अधिकारियों से मिलकर अपने मिशन का मकसद भी साझा किया।
स्वतंत्रता दिवस पर खरदुंगला चोटी पर तिरंगा लहराने को किशन लाल ने लेह लद्दाख प्रशासन से विशेष अनुमति ली थी।
इससे पहले भी कल्पना लाहौल समेत प्रदेश की कई चोटियां फतह कर चुकी हैं। कल्पना अपने पिता के साथ गत 12 अगस्त को मनाली से लेह के लिए रवाना हुई थीं। दोनों 14 अगस्त को लेह के नॉर्थ पोल पहुंचे।
यहां रात्रि विश्राम के बाद 15 अगस्त 12 बजे खरदुंगला चोटी पर तिरंगा फहराया। खरदुंगला चोटी तक पहुंचने के लिए कठिन रास्ता तय करना पड़ता है, लेकिन कल्पना के दृढ़ संकल्प से बाधाएं भी बौनी साबित हुईं।
पेड़ को राखी बांधती है आठवीं की छात्रा
कल्पना ठाकुर मनाली के शशांक मॉडल स्कूल गोजरा में आठवीं कक्षा की छात्रा हैं। वे बचपन से एक पेड़ को अपना भाई मानती हैं और हर वर्ष इसे राखी बांधती हैं। पर्यावरण बचाने के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनकर उभरी हैं। अभी तक 200 से अधिक पौधे रोप चुकी हैं।
बेटों से कम नहीं होती हैं बेटियां : कल्पना
कल्पना ठाकुर ने कहा कि बेटियां भी बेटों से कम नहीं होती हैं। बेटियां भी हर क्षेत्र में माता-पिता का नाम रोशन कर सकती हैं। किशन लाल ने बताया कि बेटी के जज्बे के आगे कई पहाड़ बौने हो गए। बिना किसी परेशानी के कल्पना ने 18,870 फीट ऊंची खरदुंगला चोटी पर तिरंगा फहराया है।