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इस बेटी ने शूटिंग में चमकाया नाम, अब ओलंपिक में गोल्ड लाना है सपना
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
Updated Mon, 17 Apr 2017 09:55 AM IST
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हिमाचल के जिला ऊना के धुसाड़ा गांव की बेटी 23 वर्षीय अंजुम मौदगिल ने राइफल शूटिंग में विश्व ख्याति हासिल कर प्रदेश का नाम चमकाया है। देश की नंबर वन रैंक खिलाड़ी का दर्जा प्राप्त कर चुकी अंजुम 2018 में होने वाली एशियन गेम्स और कॉमन वेल्थ गेम्स के लिए तैयारी कर रही है। वहीं 2020 में ओलंपिक खेलों में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लाने का सपना संजोए अंजुम पूरी तरह से अपने खेल को समर्पित होकर तैयारी में जुटी है।
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2008 में नौवीं की छात्रा के रूप में एनसीसी से शूटिंग का सफर शुरू करने वाली अंजुम ने बीते नौ सालों में 18 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं व दर्जनों राष्ट्रीय व जोनल स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उसने 100 से अधिक मेडल जीते हैं। 2016 में गुवाहटी में संपन्न हुई 12वीं साउथ एशियन गेम्स में अंजुम ने व्यक्तिगत व टीम स्पर्धा में दो गोल्ड मेडल जीत प्रतिभा की धमक दिखाई।
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जबकि इससे पहले वह एशियन चैंपियनशिप-2015 कुवैत में टीम स्पर्धा में ब्रांज, सातवीं एशियन एयरगन चैंपियनशिप कुवैत 2014 में व्यक्तिगत व टीम एयर राइफल स्पर्धा में ब्रांज मेडल जीत चुकी है। अंजुम ने ईरान में 2013 में संपन्न हुई एशियन चैंपियनशिप में भी तीन ब्रांज मेडल जीते, जबकि दोहा में 2012 में संपन्न एशियन चैंपियनशिप में भी वह दो सिल्वर मेडल जीत चुकी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंजुम ने 12 गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज मेडल जीते हैं। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर सात गोल्ड, पांच सिल्वर व सात ब्रांज जीत चुकी है।
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चंडीगढ़ प्रशासन ने अंजुम को कमेंडेशन सर्टिफिकेट से अलंकृत किया है। मूलत: जिला ऊना के धुसाड़ा गांव से संबंधित व चंडीगढ़ में पली-बढ़ी अंजुम के पिता सुदर्शन मौदगिल पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। जबकि माता शुभ मौदगिल राष्ट्रीय स्तर की जिम्रास्टिक खिलाड़ी रह चुकी हैं। पैतृक गांव धुसाड़ा पहुंची अंजुम ने कहा कि देश के लिए खेलना व पदक जीतना उसका लक्ष्य है। वह 2018 में होने वाली एशियन व कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए पूरी तैयारी कर रही है। वहीं उसका फोकस 2020 ओलंपिक खेलों पर भी है।