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स्वाइन फ्लू की दस्तक से शिमला में अलर्ट

Thu, 17 Jan 2013 01:29 PM IST
शिमला/ब्यूरो
शिमला/ब्यूरो Updated Thu, 17 Jan 2013 01:29 PM IST
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 alert in shimla due to fear of swine flu

स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद स्वास्थ्य महकमे ने शिमला में अलर्ट जारी कर दिया है। स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आईजीएमसी में अलग से आइस्यूलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है। अलग से स्टाफ को तैनात किया गया है।

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यहां एक मरीज दाखिल है जो ठियोग के देहरा क्षेत्र से आया है। इसकी हालत खतरे से बाहर है। यह देहरा में ही स्वाइन फ्लू की चपेट में आया है। बुधवार को शिमला से डाक्टरों की एक टीम देहरा भेजी गई। मरीज के संपर्क में रहने वाले सभी लोगों को टैमी फ्लू दी गई है।
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आईजीएमसी में 17 दिसंबर को पालमपुर की रहने वाली एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। इसके बाद देहरा से दूसरा मामला सामने आया है। साठ साल के मरीज की हालत खतरे से बाहर है। इसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री भी नहीं है। सोलन में भी स्वाइन फ्लू से एक मरीज की मौत होने की सूचना है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. डीएस चंदेल ने कहा कि सभी सीएमओ को निर्देश दे दिए गए हैं। सर्दियों में स्वाइन फ्लू होने का अंदेशा अधिक रहता है।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य जुकाम जैसे ही होते हैं लेकिन इससे बुखार 100 डिग्री तक आता है। भूख कम हो जाती है और नाक से पानी बहता है। कुछ लोगों को गले में जलन, उल्टी और डायरिया भी हो जाता है। जिस किसी को भी स्वाइन फ्लू होता है। उसमें उपरोक्त लक्षणों में से कम से कम तीन लक्षण तो जरूर दिखाई देते हैं।


- सर्दी लगने पर बुखार अमुमन नहीं होता लेकिन स्वाइन फ्लू होने पर 100/102 डिग्री बुखार आम है।
- सर्दी लगने पर सरदर्द और बदन दर्द कम ही होता है लेकिन स्वाइन फ्लू पर काफी सरदर्द होता है।
- सर्दी लगने पर कम कमजोरी आती है लेकिन स्वाइन फ्लू से अत्याधिक कमजोरी महसूस होती है।
- सर्दी होने पर नाक जाम हो जाती है लेकिन स्वाइन फ्लू होने से नाक अमूमन जाम नहीं होती है।

ऐसे फैलता है स्वाइन फ्लू
यह बीमारी इंसान से इंसान को लगती है, जब कोई स्वाइन फ्लू का मरीज छींकता है तो उसके आसपास करीब 3 फुट की दूर तक खडे़ व्यक्तियों के शरीर में इस स्वाइन फ्लू का वायरस प्रवेश कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति छींकते समय नाक को हाथ से ढक लेता है तो फिर वह जहां कहीं भी उस हाथ को लगाता है, यह फैलता जाता है।

यह सावधानी बरतें
- छींकते समय रुमाल से नाक को ढके।
- अपने हाथों को लगातार साबुन से धोते रहें।
- यदि जुकाम के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- यदि बुखार हो तो उसके ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहें। लगातार पानी पीते रहें।
- संभव हो तो फेस मास्क पहने लें।

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